Delhi Child Death Mystery: मयूर विहार फेस-3 में ढाई साल की बच्ची की संदिग्ध मौत, बहन की हालत स्थिर

Delhi Child Death Mystery: मयूर विहार फेस-3 में ढाई साल की बच्ची की संदिग्ध मौत, बहन की हालत स्थिर

रिपोर्ट: रवि डालमिया

पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर थाना क्षेत्र में स्थित मयूर विहार फेस-3 के आशीर्वाद अपार्टमेंट में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां करीब ढाई साल की एक बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के सामने आते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और अपार्टमेंट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही गाजीपुर थाना पुलिस, क्राइम टीम और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई।

पूर्वी जिला के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजकर 19 मिनट पर पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिली थी कि आशीर्वाद अपार्टमेंट, मयूर विहार फेस-3 के एक फ्लैट से संदिग्ध रासायनिक गंध आ रही है। कॉल करने वाले ने बताया कि कमरे के अंदर दो बच्चे बेहोश हो गए हैं और उनकी मां भी वहीं मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चों को तुरंत नोएडा के सेक्टर-11 स्थित मेट्रो अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद करीब 2.5 वर्षीय बच्ची सना खातून को मृत घोषित कर दिया, जबकि उसकी बड़ी बहन 7.5 वर्षीय रफिया खातून की हालत फिलहाल स्थिर और सुरक्षित बताई जा रही है। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे अपार्टमेंट में मातम का माहौल बन गया।

घटना के प्रत्यक्षदर्शी स्थानीय निवासी सिंधु ने बताया कि जब वह अपार्टमेंट के नीचे पहुंचे तो उन्होंने देखा कि एक महिला अपनी ढाई साल की बच्ची को गोद में लेकर बेहद घबराई हुई हालत में इधर-उधर घूम रही थी। उन्होंने महिला से पूछा कि क्या हुआ तो उसने बताया कि बच्ची गिर गई है और उसकी हालत ठीक नहीं लग रही। यह सुनते ही सिंधु ने बिना देर किए मां और बच्ची को अपनी निजी गाड़ी में बैठाया और तुरंत नोएडा के मेट्रो अस्पताल लेकर पहुंचे।

हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के सामने आते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आसपास रहने वाले लोगों में भी इस घटना को लेकर गहरा दुख और चिंता देखने को मिली।

पुलिस के मुताबिक बच्चों की मां ने शुरुआती पूछताछ में बताया कि दोनों बच्चियां कमरे के अंदर साथ में खेल रही थीं। इसी दौरान वे आपस में गिर पड़ीं, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। घटना के समय बच्चों के पिता, जो पेशे से दर्जी हैं, अपनी दुकान पर मौजूद थे और घर पर नहीं थे।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फ्लैट का बारीकी से निरीक्षण किया। क्राइम टीम और डीडीएमए की टीम ने मौके से सैंपल भी लिए, लेकिन शुरुआती जांच में किसी तरह की स्पष्ट गड़बड़ी या संदिग्ध स्थिति के संकेत नहीं मिले हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बच्चों के बेहोश होने और बच्ची की मौत की असली वजह क्या थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही इस घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ पाएगी।

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