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Anti Doping Law: खिलाड़ियों के हितों की सुरक्षा के लिए लागू हुआ नया एंटी-डोपिंग कानून, खेलों में निष्पक्षता को मिलेगी मजबूती

Anti Doping Law: खिलाड़ियों के हितों की सुरक्षा के लिए लागू हुआ नया एंटी-डोपिंग कानून, खेलों में निष्पक्षता को मिलेगी मजबूती

नई दिल्ली। खेलों में डोपिंग पर प्रभावी नियंत्रण और खिलाड़ियों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग अधिनियम, 2022 और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग (संशोधन) अधिनियम, 2025 को लागू कर दिया है। सरकार का कहना है कि नए कानूनी प्रावधानों से भारत की एंटी-डोपिंग व्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रणाली का लाभ मिलेगा।

केंद्र सरकार के अनुसार, नए कानून के लागू होने से डोपिंग से जुड़े मामलों में जांच, परीक्षण, परिणाम प्रबंधन, शिक्षा, खुफिया जांच और विवादों के निपटारे की पूरी प्रक्रिया अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगी। इसके साथ ही खिलाड़ियों को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार और कानूनी सुरक्षा भी पहले की तुलना में अधिक मजबूत होगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) की वर्ल्ड एंटी-डोपिंग कोड तथा यूनेस्को के अंतरराष्ट्रीय एंटी-डोपिंग समझौते के अनुरूप तैयार की गई है। इससे भारतीय एंटी-डोपिंग प्रणाली वैश्विक मानकों के अनुरूप कार्य करेगी और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

नए कानून के तहत डोपिंग रोधी एजेंसियों को जांच और निगरानी के अधिक प्रभावी अधिकार दिए गए हैं। साथ ही खिलाड़ियों को डोपिंग नियमों, प्रतिबंधित पदार्थों और निष्पक्ष खेल के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए शिक्षा कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता भी डोपिंग पर रोक लगाने का प्रभावी माध्यम है।

खेल मंत्रालय का कहना है कि इस कानूनी ढांचे से खेलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहन मिलेगा और ईमानदार खिलाड़ियों का विश्वास मजबूत होगा। सरकार का उद्देश्य ऐसा खेल वातावरण तैयार करना है, जहां हर खिलाड़ी समान अवसरों के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सके और किसी भी प्रकार की अनुचित प्रतिस्पर्धा को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारतीय खेलों की विश्वसनीयता बढ़ाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की खेल व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा। आने वाले समय में इससे खिलाड़ियों, खेल महासंघों और एंटी-डोपिंग एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है।

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