Inter-Caste Marriage: अंतरजातीय विवाह पर 10.66 करोड़ की मदद, 457 लाभार्थियों को मिली आर्थिक सहायता
नई दिल्ली, 12 अगस्त। सामाजिक समरसता और सामाजिक एकीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने अंतरजातीय विवाह से जुड़े लंबित मामलों में 457 लाभार्थियों को कुल 10.66 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की है। यह सहायता डॉ. आंबेडकर फाउंडेशन की ओर से उन लंबित मामलों में दी गई है, जो डॉ. आंबेडकर योजना फॉर सोशल इंटीग्रेशन थ्रू इंटर-कास्ट मैरिजेज के विलय से पहले के हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2023-24 में 68 लाभार्थियों को सहायता दी गई थी, जबकि 2024-25 में 11 लाभार्थियों को इसका लाभ मिला। इसके बाद 2025-26 में सबसे अधिक 378 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता जारी की गई।
सरकार के अनुसार संबंधित योजना को 31 मार्च 2023 से नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के क्रियान्वयन वाली केंद्र प्रायोजित योजना में विलय कर दिया गया था। इसका उद्देश्य योजनाओं में दोहराव को रोकना और सामाजिक समरसता से जुड़ी सरकारी सहायता को अधिक प्रभावी तरीके से लागू करना है।
अंतरजातीय विवाह के माध्यम से सामाजिक एकीकरण को बढ़ावा देने और ऐसे दंपतियों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई इस व्यवस्था के तहत पुराने लंबित मामलों को अब वित्तीय सहायता दी गई है।



