
SAI-Safdarjung Sports Injury Centre: खिलाड़ियों को मिलेगा विश्वस्तरीय इलाज, साई और सफदरजंग स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के बीच हुआ अहम समझौता
नई दिल्ली, 9 जुलाई: देश के खिलाड़ियों को अब चोट लगने की स्थिति में बेहतर, वैज्ञानिक और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य खिलाड़ियों को आधुनिक खेल चिकित्सा, चोट की रोकथाम, बेहतर इलाज, पुनर्वास और खेल विज्ञान से जुड़ी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इस समझौते के तहत दोनों संस्थान खिलाड़ियों की चोट की रोकथाम, समय पर उपचार, पुनर्वास, स्पोर्ट्स साइंस, अनुसंधान, नवाचार और विशेषज्ञों के प्रशिक्षण के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। साथ ही खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों का भी उपयोग किया जाएगा। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ियों को बेहतर स्वास्थ्य सहायता मिल सकेगी।
खेल सचिव हरिरंजन राव ने इस अवसर पर कहा कि भविष्य के खेलों में सफलता केवल प्रतिभा पर ही नहीं, बल्कि खेल विज्ञान और स्पोर्ट्स मेडिसिन के प्रभावी उपयोग पर भी निर्भर करेगी। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और इससे भारत की खेल प्रणाली और अधिक मजबूत होगी।
वहीं, स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि यह समझौता खिलाड़ियों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं और वैज्ञानिक सहयोग उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि खेल चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान और विशेषज्ञता को बढ़ावा देकर खिलाड़ियों के करियर को सुरक्षित और बेहतर बनाया जा सकेगा।
इस अवसर पर भारतीय खेल प्राधिकरण के स्पोर्ट्स साइंस डिवीजन के कार्यकारी निदेशक ब्रिगेडियर बिभू कल्याण नायक और सफदरजंग अस्पताल के स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के निदेशक डॉ. दीपक जोशी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को भारतीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
सरकार का मानना है कि यह समझौता ‘खेलो इंडिया’, ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS)’ और ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को मजबूती देगा। इससे खिलाड़ियों को बेहतर चिकित्सा सहायता, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और तेज़ पुनर्वास की सुविधा मिलेगी, जिससे भारत की ओलंपिक और पैरालंपिक तैयारियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में यह साझेदारी भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।





