
Munger (मृत्युंजय) : स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का एक गंभीर मामला मुंगेर में सामने आया है। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवक के शव को सरकारी शव वाहन नहीं मिलने परिजनों को मजबूरन ई-रिक्शा पर रस्सियों से बांधकर करीब 30 किलोमीटर दूर अपने गांव ले जाना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार बरियारपुर-हवेली खड़गपुर एनएच-333 पर बुधवार देर शाम दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में धपड़ी गांव निवासी बिट्टू कुमार और सूरज कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं तीसरे घायल बरियारपुर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर निवासी पिंटू कुमार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव को गांव ले जाने के लिए सरकारी शव वाहन की मांग की। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने 102 एंबुलेंस सेवा से भी संपर्क किया, लेकिन सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक करीब पांच घंटे इंतजार करने के बावजूद शव वाहन नहीं पहुंचा।
आखिरकार परिजनों ने एक ई-रिक्शा की व्यवस्था की और शव को रस्सियों से बांधकर करीब 30 किलोमीटर दूर अपने गांव ले गए। रास्ते में किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो तेजी से वायरल हो गया।
सिविल सर्जन डॉ. राजू ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। यदि पीड़ित परिवार लिखित शिकायत देता है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि किन परिस्थितियों में शव वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।





