ICMR Nutrition Policy: बच्चों की थाली होगी ज्यादा सेहतमंद, नई नीति में जंक फूड पर सख्ती और पौष्टिक भोजन पर जोर
नई दिल्ली। बच्चों और किशोरों में तेजी से बढ़ रहे मोटापे तथा खानपान से जुड़ी बीमारियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के राष्ट्रीय पोषण संस्थान (एनआईएन) के नेतृत्व वाले ‘लेट्स फिक्स आवर फूड’ कंसोर्टियम ने स्वस्थ खाद्य वातावरण तैयार करने के लिए नई नीति प्राथमिकताएं जारी की हैं। इस नीति का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना और जंक फूड की बढ़ती खपत को नियंत्रित करना है।
नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास ने इस दस्तावेज का विमोचन करते हुए कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि बचपन से ही सही खानपान की आदतें विकसित की जाएं तो भविष्य में कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।
नई नीति में स्कूलों में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने, खाद्य उत्पादों पर स्पष्ट न्यूट्रिशन लेबल लगाने, बच्चों को लक्षित जंक फूड विज्ञापनों पर नियंत्रण लगाने तथा अधिक वसा, नमक और चीनी (एचएफएसएस) वाले खाद्य पदार्थों पर अतिरिक्त कर लगाने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं।
इसके अलावा नमक और चीनी की खपत कम करने, पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने तथा स्वस्थ भोजन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक अभियान चलाने की भी सिफारिश की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन उपायों से बच्चों में मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य गैर-संचारी रोगों के बढ़ते खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि इन सिफारिशों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। साथ ही स्वस्थ भारत के लक्ष्य को हासिल करने में भी यह नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



