Chinar Mahotsav: चिनार पुस्तक महोत्सव में गूंजी बदलाव की आवाज, कश्मीरी महिलाओं और राकेश बेदी ने युवाओं को किया प्रेरित
Chinar Mahotsav: चिनार पुस्तक महोत्सव में गूंजी बदलाव की आवाज, कश्मीरी महिलाओं और राकेश बेदी ने युवाओं को किया प्रेरित
नई दिल्ली/श्रीनगर। श्रीनगर के एसकेआईसीसी में आयोजित तृतीय चिनार पुस्तक महोत्सव का पांचवां दिन कश्मीर की महिलाओं के साहस, नेतृत्व और नई सोच को समर्पित रहा। महोत्सव के दौरान प्रशासन, उद्यमिता, पत्रकारिता और युवा नेतृत्व से जुड़ी महिलाओं ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानियां साझा करते हुए युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद दृढ़ संकल्प और शिक्षा के माध्यम से सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा दी।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण वरिष्ठ अभिनेता राकेश बेदी का विशेष सत्र रहा। उन्होंने अपने अभिनय जीवन, हास्य और व्यक्तिगत अनुभवों के माध्यम से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। साथ ही उन्होंने युवाओं को अपनी रुचि के अनुसार करियर चुनने, साहित्य को जीवन का हिस्सा बनाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
राकेश बेदी ने महोत्सव के संदेश ‘नो टू ड्रग्स, यस टू बुक्स’ को दोहराते हुए कहा कि किताबें जीवन को नई दिशा देती हैं और युवाओं को सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद करती हैं। उन्होंने पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने और समाज में पुस्तक संस्कृति को मजबूत बनाने की अपील की।
दिनभर आयोजित साहित्यिक चर्चाओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोककला कार्यक्रमों और रचनात्मक गतिविधियों में 2,500 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। आयोजकों के अनुसार महोत्सव का उद्देश्य युवाओं को साहित्य, संस्कृति और सकारात्मक सामाजिक मूल्यों से जोड़ना है।
