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बांग्लादेश के हिंदुओं के प्रतिनिधिमंडल के संदर्भ में प्रेस वक्तव्य

बांग्लादेश के हिंदुओं के प्रतिनिधिमंडल के संदर्भ में प्रेस वक्तव्य
संवत 2081 वि., पौष कृष्ण दशमी, दिनांक: 25 दिसंबर 2024, श्रीकाशी

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हम उत्पीड़ित बांग्लादेशी हिंदुओं के साथ खड़े हैं।

बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति किसी भी सभ्य समाज को झकझोरने के लिए पर्याप्त है। 5 अगस्त 2024 के बाद उत्पन्न राजनीतिक संकट ने अराजकता और हिंसा को जन्म दिया है। वहां की घटनाएं बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए बेहद भयावह और शर्मनाक हैं।

हाल ही में बांग्लादेश से आए 12 सदस्यीय हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने विदुषी मधु किश्वर जी के साथ मुझसे (परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर, जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती 1008) काशी में मुलाकात की।

गंगा के सान्निध्य में पीड़ा साझा हुई
यह बैठक मां गंगा के मध्यधार में भगवान केदारेश्वर के सान्निध्य में रखी गई। मां गंगा भारत और बांग्लादेश के सनातनधर्मियों की धात्री माता हैं, और पीड़ा व्यक्त करने का यह सबसे उपयुक्त स्थान था। प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न व्यवसायों और क्षेत्रों से आए लोग शामिल थे, जो हिंदू होने के कारण भयंकर उत्पीड़न, संपत्ति की लूट, हत्या, और बहन-बेटियों के साथ अत्याचार का शिकार हुए।

प्रतिनिधिमंडल की मांगें और पीड़ा
प्रतिनिधिमंडल ने बताया:

  1. धार्मिक उत्पीड़न: हिंदुओं को जबरन धर्मांतरण के लिए मजबूर किया जा रहा है। मना करने पर हत्या और अन्य अत्याचार हो रहे हैं।
  2. संपत्ति की लूट और आगजनी: हिंदुओं की भूमि, संपत्ति और व्यवसायों को लूटकर जला दिया गया।
  3. नौकरी और शिक्षा में भेदभाव: हिंदुओं को सरकारी नौकरियों और शिक्षा से वंचित किया जा रहा है।
  4. महिलाओं पर अत्याचार: बहन-बेटियों का अपहरण और दुराचार आम हो चुका है।

प्रतिनिधिमंडल ने हिंदू धर्म न छोड़ने का अपना अडिग संकल्प व्यक्त किया। इनकी दृढ़ता और साहस ने मुझे भावविभोर कर दिया।

प्रतिनिधिमंडल की मुख्य मांगें

  1. हिंदुओं के लिए अलग राष्ट्र या स्वायत्त सेफ जोन।
  2. भारत और बांग्लादेश के बीच आबादी की अदला-बदली।
  3. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) में बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए स्थायी प्रावधान।
  4. विश्वभर के हिंदुओं के लिए भारत की नागरिकता का अधिकार।
  5. वीजा अवधि समाप्त होने पर बांग्लादेशी हिंदुओं को भारत में रहने की अनुमति।
  6. जबरन नौकरी से निकाले गए हिंदुओं के लिए रोजगार की व्यवस्था।
  7. बांग्लादेश के हिंदुओं की स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए शंकराचार्य पीठ का प्रतिनिधिमंडल भेजा जाए।

समाज और सरकार से अपील
हम सभी को बांग्लादेशी हिंदुओं के दुख को दूर करने के लिए प्रयास करना होगा। यह समय है कि हम उनका समर्थन करें और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अनुरोध है कि वे बांग्लादेशी हिंदुओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं।

आप सभी पत्रकारों का आभार, जो बांग्लादेशी हिंदुओं की पीड़ा सुनने और इसे दुनिया तक पहुंचाने के लिए उपस्थित हुए। हम इनके सम्मान और अधिकारों के लिए लड़ने का संकल्प लेते हैं।

धन्यवाद।
– परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती 1008

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