उत्तर प्रदेशराज्य

Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में धूल पर लगाम, स्वीपिंग मशीनों से हो रही सड़कों की सफाई, 15 सड़कें बनेंगी मॉडल रोड

Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में धूल पर लगाम, स्वीपिंग मशीनों से हो रही सड़कों की सफाई, 15 सड़कें बनेंगी मॉडल रोड

नोएडा। ग्रेटर नोएडा में बढ़ते वायु प्रदूषण और सड़कों पर उड़ने वाली धूल की समस्या से निपटने के लिए प्राधिकरण ने विशेष अभियान शुरू किया है। शहर की प्रमुख सड़कों को धूल मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वीपिंग मशीनों द्वारा सफाई का कार्य तेज कर दिया गया है। अधिकारियों का दावा है कि इस पहल से धूल प्रदूषण में कमी आएगी और लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में वर्तमान समय में गौड़ चौक के आसपास, 130 मीटर, 80 मीटर और 60 मीटर चौड़ी प्रमुख सड़कों की सफाई दो आधुनिक स्वीपिंग मशीनों के माध्यम से की जा रही है। नियमित सफाई से सड़कों पर जमा धूल हटाई जा रही है, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि पूरे क्षेत्र को प्रभावी ढंग से कवर करने के लिए कम से कम 5 से 6 स्वीपिंग मशीनों की आवश्यकता है। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए मुख्य सड़कों की मशीनों से सफाई का कार्य प्रतिदिन सुबह 5 बजे से शुरू कर दिया जाता है। इसके लिए पहले सर्वेक्षण कर उन सड़कों को चिन्हित किया गया है जहां धूल उड़ने की समस्या सबसे अधिक है। इन्हीं स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर सफाई और अन्य सुधार कार्य कराए जा रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है और हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी तक पहुंच जाती है। इसी को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सड़कों की सफाई, मरम्मत, चौड़ीकरण और नियमित पानी के छिड़काव जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। परियोजना विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की प्रमुख सड़कों पर लगातार मशीनों के जरिए सफाई कराई जा रही है। इनमें गौड़ चौक, ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट को जोड़ने वाली 130 मीटर चौड़ी सड़क के अलावा 80 मीटर और 60 मीटर चौड़ी सड़कें भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान से धूल उड़ने की समस्या में काफी हद तक कमी आई है, लेकिन बेहतर परिणाम के लिए मशीनों की संख्या बढ़ाना जरूरी है। वायु प्रदूषण को कम करने और शहरी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट की 15 प्रमुख सड़कों को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम शुरू किया गया है। इन सड़कों को चौड़ा करने के साथ-साथ पैदल यात्रियों के लिए पाथवे बनाए जाएंगे। खाली स्थानों पर घास लगाने, पौधरोपण करने और हरित क्षेत्र विकसित करने की भी योजना है। मॉडल रोड परियोजना के तहत राइज पुलिस चौकी से जलपुरा कट गोलचक्कर, समृद्धि ग्रैंड एवेन्यू से सर्वोत्तम स्कूल और चेरी काउंटी टेकजोन-4, सर्वोत्तम स्कूल से सेंचुरियन पार्क रोड, इंडिया एक्सपो मार्ट नासा पार्किंग से शारदा गोलचक्कर, सेक्टर पाई-1 आईटीबीपी गोलचक्कर से नटो की मड़ैया, एलजी चौक से रामपुर बीटा-1 गोलचक्कर, डाढ़ा गोलचक्कर से डीएमआईसी, आईटी सिटी की 45 मीटर चौड़ी सड़क, कासना से सिरसा गोलचक्कर, जीबीयू और जिम्स के बीच का मार्ग, सेक्टर-10 की आंतरिक सड़क, सिरसा गोलचक्कर से ईपीई कट तथा टेकजोन-2 से इकोटेक-1 एक्सटेंशन-1 के बीच की 60 मीटर चौड़ी सड़क को शामिल किया गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने कहा कि वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने और सड़कों को धूल मुक्त बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्य सड़कों की मशीनों से सफाई का कार्य लगातार जारी है। सड़कों के चौड़ीकरण और हरित विकास से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में स्वीपिंग मशीनों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

Related Articles

Back to top button