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National Sports Board: राष्ट्रीय खेल बोर्ड के गठन की प्रक्रिया शुरू, चयन समिति का हुआ गठन, खेल प्रशासन में बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही

National Sports Board: राष्ट्रीय खेल बोर्ड के गठन की प्रक्रिया शुरू, चयन समिति का हुआ गठन, खेल प्रशासन में बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही

नई दिल्ली। देश में खेल प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और पेशेवर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम-2025 के तहत राष्ट्रीय खेल बोर्ड के गठन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। इसके लिए पांच सदस्यीय सर्च-कम-सेलेक्शन कमेटी का गठन किया गया है, जो बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन के लिए योग्य उम्मीदवारों का पैनल तैयार करेगी। केंद्र सरकार द्वारा गठित इस समिति की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव Dr. T. V. Somanathan करेंगे। समिति में खेल सचिव Hariranjan Rao, Indian Olympic Association के प्रतिनिधि एवं लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) Harpal Singh, अर्जुन पुरस्कार विजेता Gagan Narang तथा N. Kunjarani Devi को सदस्य बनाया गया है। सरकार के अनुसार यह समिति राष्ट्रीय खेल बोर्ड के अध्यक्ष और दो अन्य सदस्यों के लिए योग्य नामों का चयन कर पैनल तैयार करेगी। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बोर्ड का गठन किया जाएगा। राष्ट्रीय खेल बोर्ड देश में खेल प्रशासन की निगरानी और खेल संस्थाओं के संचालन में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गठित होने वाला राष्ट्रीय खेल बोर्ड राष्ट्रीय खेल संस्थाओं को मान्यता देने, उनके कार्यों की समीक्षा करने और सुशासन के मानकों को लागू करने का काम करेगा। इसके अलावा खेल संगठनों में वित्तीय पारदर्शिता, प्रशासनिक जवाबदेही और नैतिक मूल्यों के पालन की निगरानी भी बोर्ड की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बोर्ड के गठन से देश की खेल संस्थाओं में कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी होगी। इससे खिलाड़ियों, खेल संघों और संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी तथा खेल संगठनों में जवाबदेही सुनिश्चित होगी। केंद्र सरकार का मानना है कि राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम-2025 के तहत उठाया गया यह कदम भारतीय खेल व्यवस्था में व्यापक संस्थागत सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। इससे खेल संगठनों में सुशासन को बढ़ावा मिलेगा और खिलाड़ियों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही खेल क्षेत्र में पारदर्शिता और पेशेवर प्रबंधन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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