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नई दिल्ली: मलेरिया मुक्त राष्ट्र की ओर बढ़ा भारत

नई दिल्ली: - साल 2023 से देश के 122 जिलों में मलेरिया का कोई मामला नहीं हुआ दर्ज
नई दिल्ली: - साल 2023 से देश के 122 जिलों में मलेरिया का कोई मामला नहीं हुआ दर्ज

नई दिल्ली, 25 दिसम्बर : भारत मलेरिया मुक्त राष्ट्र की ओर अपने कदम तेजी से बढ़ा रहा है जिसकी बानगी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की नवीनतम विश्व मलेरिया रिपोर्ट 2024 में भी देखी जा सकती है।

दरअसल, मलेरिया 1947 में भारत की आजादी के समय से बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है जिसमें सालाना अनुमानित 7.5 करोड़ मामले और 80 लाख मौतें होती थीं। दशकों से जारी प्रयासों के बाद इन संख्याओं में 97% से अधिक की भारी कमी आई है। साल 2023 तक मलेरिया के मामले घटकर मात्र 20 लाख रह गए हैं और मृत्यु दर घटकर मात्र 83 रह गई है। वहीं, 2023 में विभिन्न राज्यों के 122 जिलों में मलेरिया के कोई भी मामले दर्ज नहीं किए गए। यह ऐतिहासिक उपलब्धि मलेरिया को खत्म करने और अपने नागरिकों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

इस बात की तस्दीक विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से हाल ही में जारी ‘नवीनतम विश्व मलेरिया रिपोर्ट 2024’ भी करती है जिसके मुताबिक भारत में 2017 और 2023 के बीच मलेरिया के मामलों और मलेरिया से संबंधित मौतों में उल्लेखनीय कमी आई है। इसके साथ ही भारत हाई बर्डन टू हाई इम्पैक्ट (एचबीएचआई) समूह से बाहर निकल आया है। सरकार के मुताबिक एकीकृत वेक्टर प्रबंधन भारत के मलेरिया नियंत्रण प्रयासों के मूल में रहा है। इनडोर अवशिष्ट छिड़काव और लंबे समय तक चलने वाले कीटनाशक जाल के वितरण जैसी रणनीतियों ने मच्छरों की आबादी को काफी हद तक कम कर दिया है और संचरण चक्र को बाधित कर दिया है। वहीं, आक्रामक एनोफ़ेलीज़ स्टीफेंसी मच्छर के लक्षित प्रबंधन ने शहरी मलेरिया नियंत्रण प्रयासों को और मजबूत किया है।

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