World Blood Donor Day: विश्व रक्तदाता दिवस पर उमड़ा उत्साह, एम्स और सीएपीएफआईएमएस के शिविरों में 331 यूनिट रक्त संग्रहित

World Blood Donor Day: विश्व रक्तदाता दिवस पर उमड़ा उत्साह, एम्स और सीएपीएफआईएमएस के शिविरों में 331 यूनिट रक्त संग्रहित
नई दिल्ली। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर आयोजित रक्तदान अभियानों में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मानवता की मिसाल पेश की। राजधानी में आयोजित दो प्रमुख रक्तदान शिविरों में कुल 426 लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 331 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। वहीं चिकित्सकीय जांच के बाद 95 इच्छुक रक्तदाताओं को अस्थायी रूप से रक्तदान के लिए अयोग्य घोषित किया गया। यह अभियान स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनकर सामने आया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में आयोजित इन-हाउस स्वैच्छिक रक्तदान शिविर को लोगों का शानदार सहयोग मिला। शिविर में 263 लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 200 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। रक्तदाताओं में बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी, कर्मचारी और आम नागरिक शामिल रहे, जिन्होंने जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए रक्तदान किया। वहीं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल चिकित्सा विज्ञान संस्थान (सीएपीएफआईएमएस) में आयोजित आउटडोर रक्तदान शिविर में भी लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यहां 163 लोगों ने पंजीकरण कराया और 131 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। दोनों शिविरों में विभिन्न केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों और अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। रक्तदान अभियान में भारतीय तटरक्षक बल, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, सीआईएसएफ, बीएसएफ और एसएसबी के जवानों एवं अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इन बलों के कर्मियों ने रक्तदान कर सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दिया और लोगों को भी इस महादान के लिए प्रेरित किया। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर केवल यही दो शिविर आयोजित नहीं किए गए, बल्कि पूरे सप्ताह विभिन्न संस्थानों में कई रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। इन अभियानों के तहत 5 जून को एक्जिम बैंक से 31 यूनिट, 7 जून को लोनी (गाजियाबाद) से 23 यूनिट, 10 जून को पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी से 63 यूनिट, 12 जून को दिल्ली पुलिस मुख्यालय से 82 यूनिट तथा एनएसजी शिविर से 65 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। एम्स दिल्ली की प्रवक्ता Dr. Reema Dada ने कहा कि नियमित और स्वैच्छिक रक्तदान से गंभीर रूप से बीमार मरीजों की जान बचाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे जागरूकता अभियान और रक्तदान शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस महादान से जुड़ सकें। विशेषज्ञों के अनुसार रक्तदान न केवल जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी साबित होता है, बल्कि इससे समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है। विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित इन अभियानों ने एक बार फिर साबित किया कि मानवता की सेवा के लिए लोग आगे आने को तैयार हैं।





