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उत्तर प्रदेश, नोएडा: महिला प्रोफेसर समेत 49 लेखकों से 16.57 लाख की ठगी

उत्तर प्रदेश, नोएडा: महिला प्रोफेसर समेत 49 लेखकों से 16.57 लाख की ठगी
अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में शोध पत्रों का प्रकाशन और पेटेंट कराने के नाम पर महिला प्रोफेसर समेत 49 लेखकों से 16.57 लाख ठगने का मामला सामने आया है

अमर सैनी
उत्तर प्रदेश, नोएडा। अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में शोध पत्रों का प्रकाशन और पेटेंट कराने के नाम पर महिला प्रोफेसर समेत 49 लेखकों से 16.57 लाख ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।

लखनऊ निवासी डॉ. गरिमा सिंह का कहना है कि वह राजस्थान के जयपुर स्थित मणिपाल विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उनकी मुलाकात हरियाणा के सोनीपत स्थित ओपी जिंदल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बतौर संयोजक कार्य करने वाली प्रो. जसमीत कौर लांबा से हुई थी। जसमीत कौर लांबा जीटा-1 में रहती हैं। 27 दिसंबर 2024 को मणिपाल विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में प्रो. लांबा पहुंचीं थी। यहां पर उन्होंने डॉ. गरिमा को बताया कि शोध समेत तमाम शैक्षणिक गतिविधियां कराने वाले अमेरिका की एजीबीए नामक संस्था की वो उपाध्यक्ष हैं। यह संस्था बड़ी पत्रिकाओं में शोध प्रकाशित कराती है। मार्च 2025 में महिला ने डॉ. गरिमा को भी कम शुल्क में शोध प्रकाशित व पेटेंट कराने का झांसा दिया। कार्यक्रम के दौरान महिला के संपर्क में आए करीब 49 शोध लेखकों ने अपने-अपने शोध प्रकाशन व पेटेंट के लिए महिला को 16.57 लाख रुपये दिए। मई 2025 तक सभी लेखकों के शोध पत्र प्रकाशित होने की समयसीमा निर्धारित की थी लेकिन महिला हर बार टरकाती रही। शोध संस्था के बारे में जानकारी की तो पता चला कि इस नाम की कोई संस्था नहीं है। आरोप है कि महिला ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी कर ठगी की है। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि केस दर्ज कर जांच शुरू की है।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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