Noida: 11 लाख के गांजा के साथ चार तस्कर गिरफ्तार, ओडिशा से नोएडा तक फैला था नशे का नेटवर्क

Noida: 11 लाख के गांजा के साथ चार तस्कर गिरफ्तार, ओडिशा से नोएडा तक फैला था नशे का नेटवर्क
नोएडा। ओडिशा से गांजा लाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करने वाले एक अंतरराज्यीय नशा तस्करी गिरोह का फेस-3 थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से करीब 30 किलो हाई क्वालिटी गांजा बरामद किया। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 11 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस कार्रवाई को एनसीआर में नशे के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
एडिशनल डीसीपी संतोष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के सुपौल निवासी 24 वर्षीय सरवन चौधरी, बुलंदशहर के बीवी नगर निवासी 26 वर्षीय लव कुमार, बिहार के सीतामढ़ी निवासी 22 वर्षीय नीतीश कुमार और 20 वर्षीय राज नारायण कुमार उर्फ छोटू के रूप में हुई है। हैरानी की बात यह है कि सभी आरोपी कम उम्र के हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। पुलिस रिकॉर्ड की जांच में सामने आया है कि इनमें से कुछ आरोपी पहले भी नशा तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि ओडिशा से गांजा लाकर दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में सप्लाई की जा रही है। इसी इनपुट के आधार पर फेस-3 थाना पुलिस ने गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। बुधवार को पुख्ता सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने जाल बिछाकर चारों आरोपियों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उनके पास से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ, जिसे वे विभिन्न इलाकों में सप्लाई करने की फिराक में थे।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे ओडिशा से गांजा लाकर पहले दिल्ली पहुंचाते थे, जहां से इसे नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा समेत एनसीआर के अन्य शहरों में सप्लाई किया जाता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का मुख्य निशाना कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र, पीजी में रहने वाले युवा और मजदूर वर्ग के लोग थे। कम दाम में नशा उपलब्ध कराने का लालच देकर वे युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे और धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क को मजबूत करते जा रहे थे।
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और खरीदारों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। इसके लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और एनसीआर में नशे के कारोबार को बढ़ावा दे रहा था। चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस का दावा है कि आगे की जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।





