दिल्ली सरकार का दावा, सड़कों की मरम्मत के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और
रिपोर्ट: रवि डालमिया
दिल्ली सरकार लगातात दावे कर रही है दिल्ली मे जितनी सड़के टूटी थी या उनमे जो गढे थे उनमे से काफी सड़को को दुरुस्त किया गया है और गढ़ो को पैचलागकर उनकी मरम्मत भी की गई है।लेकिन अगर ज़मीनी सत्र पर देखा जाए तो काफी सड़के ऐसी है जो सालों से जर्जर है और उनमे बड़े बड़े गढे भी है। लेकिन उन्हें दुरुस्त करना शयद सरकार जरूरी नहीं समझती है. वही शाहदरा जिले के विश्वाश नगर की पुलिया पर बनी सड़क सालों से ख़राब है। लेकिन उसकी मरम्मत नहीं की जा रही है। साथ ही गांधीनगर की रोड जहाँ कई स्कूलों भी मौजूद है और हजारों की संख्या मे लोग आते जाते है लेकिन वहां भी पिपलाइन डालने के बाद से ही सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया और सड़क जर्जर पड़ी है। वहीं झिलमिल कॉलोनी मे एक दो जगह जरूर सड़को की मरम्त कि गई है लेकिन सुरजामल विहार जो की काफी पोश एरिया है। वहां की सड़क रेड लाइट्स काफी बढ़ गढा है जिसे भरा नहीं गया है साथ ही। काकदकड़ी मोड़ की सड़क जो आनंद विहार की तरफ जाती है वहां भी कोने पर काफी बड़ा गढा है जिसे अभी तक भरा नहीं गाय है और परेशानी आम जनता को भुगतनी पड़ रही है।



