Kashmir News: चिनार बुक फेस्टिवल में गूंजी कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत, थिएटर, उर्दू साहित्य और खानपान पर हुआ मंथन
श्रीनगर में आयोजित चिनार बुक फेस्टिवल के चौथे दिन कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक खानपान, रंगमंच और उर्दू साहित्य की अनूठी झलक देखने को मिली। एसकेआईसीसी में आयोजित विभिन्न सत्रों में देशभर से आए विशेषज्ञों, साहित्यकारों और कलाकारों ने कश्मीर की सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया।
‘फ्रॉम सॉयल टू सोल’ विषय पर आयोजित सत्र में स्थानीय व्यंजनों, टिकाऊ खाद्य परंपराओं और पारंपरिक खानपान की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की गई। वहीं ‘थिएटर इन कश्मीर: रिवाइविंग ए लिविंग ट्रेडिशन’ सत्र में रंगकर्मियों और विशेषज्ञों ने कश्मीरी रंगमंच के इतिहास, वर्तमान और भविष्य की संभावनाओं पर विचार साझा किए तथा युवाओं से नए नाटक लिखने और आधुनिक मंचों के माध्यम से इस परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
उर्दू साहित्य पर आयोजित विशेष सत्रों में डिजिटल युग में भाषा संरक्षण, साहित्य के बदलते स्वरूप और मीर तकी मीर की गजलों की साहित्यिक समृद्धि पर चर्चा हुई। बच्चों के लिए आयोजित गतिविधियों में 4,000 से अधिक विद्यार्थियों ने कहानी लेखन, क्विज, वित्तीय साक्षरता और कैलिग्राफी जैसी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे आयोजन कश्मीर की सांस्कृतिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



