Jewar School Project: जेवर में बनेगा गुरुकुल-शैली का आधुनिक आवासीय स्कूल, नवोदय की तर्ज पर गरीब बच्चों को मिलेगी मुफ्त शिक्षा
Jewar School Project: जेवर में बनेगा गुरुकुल-शैली का आधुनिक आवासीय स्कूल, नवोदय की तर्ज पर गरीब बच्चों को मिलेगी मुफ्त शिक्षा
नोएडा के जेवर क्षेत्र के दयौरार गांव में जल्द ही एक बड़ा शैक्षिक प्रोजेक्ट आकार लेने जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा संत रविदास मिशन के तहत 5 एकड़ भूमि पर लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से गुरुकुल-शैली का आधुनिक आवासीय विद्यालय विकसित किया जा रहा है। इस स्कूल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
12वीं तक CBSE पैटर्न पर होगी पढ़ाई
इस विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई सीबीएसई पैटर्न पर कराई जाएगी। बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए इसे आश्रम पद्धति और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का मिश्रण बनाया जा रहा है।
490 छात्रों के लिए आवासीय सुविधा
स्कूल परिसर में दो मंजिला भवन और आवासीय हॉस्टल लगभग तैयार हो चुके हैं। यहां कुल 490 छात्रों के अध्ययन और रहने की व्यवस्था होगी। प्रत्येक कक्षा में दो सेक्शन होंगे, जिनमें 35-35 छात्र पढ़ सकेंगे।
छात्रों का चयन नवोदय विद्यालयों की तरह प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। चयनित सूची को जिलाधिकारी द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। इसमें 85% सीटें ग्रामीण और 15% शहरी छात्रों के लिए आरक्षित होंगी। साथ ही सामाजिक संरचना के अनुसार 60% अनुसूचित जाति/जनजाति, 25% पिछड़ा वर्ग और 15% सामान्य वर्ग के बच्चों को प्रवेश मिलेगा।
मुफ्त शिक्षा, भोजन और सुविधाएं
विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसमें आवास, भोजन, किताबें, ड्रेस, खेलकूद सामग्री और कंप्यूटर शिक्षा जैसी सभी सुविधाएं शामिल होंगी।
आधुनिक शिक्षा और संस्कारों का संगम
यह स्कूल पारंपरिक गुरुकुल प्रणाली और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का अनोखा मिश्रण होगा। बच्चों को न केवल अकादमिक शिक्षा दी जाएगी, बल्कि संस्कार और व्यक्तित्व विकास पर भी जोर दिया जाएगा।
अगस्त तक पूरा होगा निर्माण
यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा निर्माण कार्य लगभग पूरा किया जा चुका है। फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है और अगस्त तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद विद्यालय को समाज कल्याण विभाग को सौंप दिया जाएगा और अगले शैक्षणिक सत्र से संचालन शुरू होने की संभावना है।
