World Environment Day: विश्व पर्यावरण दिवस पर गौतमबुद्धनगर में लगा हरियाली का महाअभियान, 1.21 लाख पौधों का रोपण
नोएडा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गौतमबुद्धनगर जनपद में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। प्रदेश सरकार के 5 करोड़ पौधारोपण लक्ष्य के तहत जिले में एक ही दिन में 1.21 लाख पौधे लगाए गए। इस अभियान में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के साथ-साथ कृषि, उद्यान, वन, ग्राम्य विकास, पंचायती राज और नगर विकास विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। जनपद का मुख्य कार्यक्रम सूरजपुर वेटलैंड में आयोजित किया गया, जहां गौतमबुद्धनगर के प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने मौलश्री का पौधा लगाकर वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस को जन-आंदोलन का स्वरूप देने और अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। प्रभारी मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, आरडब्ल्यूए और सरकारी अधिकारियों से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में तेजपाल सिंह नागर, अभिषेक शर्मा, मेधा रूपम, मुख्य विकास अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, छात्र-छात्राएं, सीआरपीएफ के अधिकारी तथा वीआईएएफ फाउंडेशन के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। सभी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पिछले कई वर्षों से बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी समाज के प्रत्येक व्यक्ति को निभानी चाहिए।
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने जनपदवासियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि किसानों की भूमिका इसमें अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने किसानों से नोडल विभागों से निःशुल्क पौधे प्राप्त कर अपने खेतों और आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने वृक्ष भंडारे का शुभारंभ किया। इस दौरान स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों और नागरिकों को तुलसी, नींबू, अमरूद सहित विभिन्न फलदार और औषधीय पौधों का वितरण किया गया, ताकि पर्यावरण संरक्षण की यह मुहिम समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके।



