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ESIC Hospital Surat: सूरत को मिला 220 बेड का अत्याधुनिक ESIC अस्पताल, प्रधानमंत्री मोदी ने किया वर्चुअल उद्घाटन

ESIC Hospital Surat: सूरत को मिला 220 बेड का अत्याधुनिक ESIC अस्पताल, प्रधानमंत्री मोदी ने किया वर्चुअल उद्घाटन

नई दिल्ली। संगठित क्षेत्र के श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के सूरत में 220 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) अस्पताल का वर्चुअल उद्घाटन किया। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त यह अस्पताल 216 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया गया है। करीब 8.60 एकड़ क्षेत्र में फैला यह बहु-विशेषता अस्पताल क्षेत्र के लगभग 3.20 लाख बीमित कर्मचारियों और 12.16 लाख लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। अस्पताल के शुरू होने से सूरत और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिकों एवं उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा। सूरत रेलवे स्टेशन से लगभग 20 मिनट की दूरी पर स्थित इस अस्पताल में जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, ऑन्कोलॉजी, मनोचिकित्सा, नेत्र रोग, ईएनटी तथा दंत चिकित्सा सहित अनेक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा अस्पताल में अत्याधुनिक रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी प्रयोगशालाएं और 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की भी व्यवस्था की गई है। उद्घाटन समारोह के दौरान अस्पताल निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों को सम्मानित किया गया। साथ ही ईएसआई योजना के लाभार्थियों को विभिन्न नकद लाभ भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार का कहना है कि यह अस्पताल न केवल श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा, बल्कि क्षेत्र की स्वास्थ्य अवसंरचना को भी नई मजबूती देगा। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। गौरतलब है कि गुजरात में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) योजना अक्टूबर 1964 से लागू है। वर्तमान में राज्य के 34 जिलों में लगभग 20.04 लाख बीमित व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। नया अस्पताल इस स्वास्थ्य सुरक्षा नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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