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CAPS Campaign: दिल्ली में ‘कैप्स’ अभियान की शुरुआत, महिलाओं को मिलेगी फ्री कैंसर स्क्रीनिंग और एचपीवी टीकाकरण

CAPS Campaign: दिल्ली में ‘कैप्स’ अभियान की शुरुआत, महिलाओं को मिलेगी फ्री कैंसर स्क्रीनिंग और एचपीवी टीकाकरण

नई दिल्ली, 4 फरवरी – विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर दिल्ली सरकार ने दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान (DSCI) की पहल पर ‘कैप्स’ अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य राजधानी में कैंसर के मामलों को कम करना और कैंसर से होने वाली असमय मौतों को रोकना है। अभियान के पहले चरण में महिला संबंधी कैंसर पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और शुरुआती पहचान को प्राथमिकता दी गई है।

बुधवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में निजी मोबाइल चिकित्सा वैन के माध्यम से महिलाओं के मैमोग्राफी और पैप स्मीयर टेस्ट किए गए। इसके साथ ही एचपीवी टीकाकरण की सुविधा भी प्रदान की गई। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि अक्सर महिलाएं जागरूकता की कमी के कारण कैंसर के अंतिम चरण में अस्पताल आती हैं, जिससे उनका उपचार कठिन हो जाता है। उन्होंने बताया कि कैप्स अभियान के तहत महिलाओं को कैंसर के कारणों, लक्षणों, बचाव के उपायों और समय पर जांच के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।

डॉ. विनोद कुमार, चिकित्सा निदेशक, ने कहा कि भारत में कैंसर के मामले अमेरिका और चीन के बाद तीसरे नंबर पर हैं। अनुमान है कि देश में करीब 15 लाख लोग कैंसर से पीड़ित हैं। क्लीनिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. प्रज्ञा शुक्ला ने कहा कि सही जानकारी, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कैंसर को काफी हद तक रोका और नियंत्रित किया जा सकता है।

मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग वैन से आसानी से जांच
कैंसर जांच के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं वाली मोबाइल स्क्रीनिंग वैन को बाजारों, सरकारी दफ्तरों, स्कूलों, बैंकों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कार्यालयों में तैनात किया जाएगा। इससे महिलाएं अपने रोजमर्रा के काम के दौरान ही आसानी से स्क्रीनिंग करवा सकेंगी। वैन में मैमोग्राफी और एचपीवी डीएनए टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. पंकज कुमार सिंह ने महिलाओं के लिए सेल्फ-टेस्टिंग किट भी लॉन्च की। इस किट की मदद से महिलाएं स्वयं वैजाइनल स्वैब सैंपल लेकर सुरक्षित तरीके से लेबल युक्त वायल में रख सकेंगी। एचपीवी डीएनए टेस्टिंग आरटी-पीसीआर तकनीक से की जाएगी और रिपोर्ट एक सप्ताह में साझा की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मेडिकल सलाह और उपचार भी प्रदान किया जाएगा।

कब कराएं जांच

  • मैमोग्राफी: 40 वर्ष और उससे ऊपर की महिलाओं के लिए स्तन कैंसर की जांच।
  • पैप स्मीयर: 21-65 वर्ष की महिलाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान।
  • एचपीवी टीकाकरण: 9-45 वर्ष की महिलाओं को कैंसर पैदा करने वाले वायरस से सुरक्षा।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कहा कि कैंसर रोकथाम और शुरुआती जांच दिल्ली सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और अभियान के माध्यम से महिलाओं को सुविधा, जागरूकता और समय पर इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।

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