Faridabad Honesty Story: फरीदाबाद में कबाड़ी व्यापारी ने 6 महीने बाद लौटाए 100 ग्राम सोने के गहने

0
1
Faridabad honesty story, Kabadiwala returned gold,

Faridabad Honesty Story: फरीदाबाद में कबाड़ी व्यापारी ने 6 महीने बाद लौटाए 100 ग्राम सोने के गहने

रिपोर्ट: संदीप चौहान

फरीदाबाद में ईमानदारी की एक मिसाल सामने आई है, जहां एक कबाड़ी व्यापारी ने करीब छह महीने बाद 100 ग्राम सोने के गहने उस परिवार को लौटा दिए, जिसने गलती से उन्हें कबाड़ समझकर बेच दिया था। यह मामला न केवल इंसानियत की मिसाल बना, बल्कि समाज में भरोसे और सद्भाव का संदेश भी दे गया।

जानकारी के अनुसार, अशोक शर्मा पिछले साल जनवरी में कुंभ मेले में परिवार सहित घूमने गए थे। घर को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उन्होंने चोरी से बचने के लिए अपने सोने के गहनों को एक डिब्बे में बंद कर बोरे में रख दिया था। बाद में दीपावली की सफाई के दौरान परिवार ने उसी बोरे को कबाड़ समझ लिया और स्थानीय कबाड़ी व्यापारी खान साहब के गोदाम में बेच दिया। उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि जिस कबाड़ को वे बेच रहे हैं, उसके अंदर करीब 10 तोले यानी लगभग 100 ग्राम सोने के गहने रखे हुए हैं, जिनकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये थी।

दीपावली पूजन के समय परिवार को अचानक उन गहनों की याद आई, जिसके बाद उन्होंने तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद मामला कबाड़ी व्यापारी तक पहुंचा। चार से छह महीने की जांच और तलाश के बाद खान साहब ने अपने गोदाम में कबाड़ के बीच से वह डिब्बा ढूंढ निकाला। गहनों की पुष्टि होने के बाद उन्होंने बिना किसी लालच के पूरी ज्वेलरी अशोक शर्मा और उनके परिवार को लौटा दी।

यह पूरी प्रक्रिया एसीपी जितेश मल्होत्रा की मौजूदगी में संपन्न हुई, जिससे पारदर्शिता और भरोसा कायम रहा। परिवार ने व्यापारी का आभार जताते हुए कहा कि आज के दौर में भी ऐसे ईमानदार लोग समाज में मौजूद हैं, जो इंसानियत को सबसे ऊपर रखते हैं।

इस घटना ने यह साबित कर दिया कि ईमानदारी का किसी धर्म या मजहब से कोई संबंध नहीं होता। इंसानियत और सच्चाई ही सबसे बड़ा धर्म है। फरीदाबाद की यह घटना लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है और समाज में सकारात्मक संदेश दे रही है।

 

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे