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भदोही के कालीन अमेरिका और जापान में भी घरों की शोभा बढ़ा रहे

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में बने कालीन देश में ही नहीं अमेरिका, जापान, कनाडा, चीन आदि देशों में भी घरों की शोभा बढ़ा रहे हैं
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में बने कालीन देश में ही नहीं अमेरिका, जापान, कनाडा, चीन आदि देशों में भी घरों की शोभा बढ़ा रहे हैं

अमर सैनी
नोएडा। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में बने कालीन देश में ही नहीं अमेरिका, जापान, कनाडा, चीन आदि देशों में भी घरों की शोभा बढ़ा रहे हैं। विदेशों में ऊन से बने कालीनों की सबसे ज्यादा मांग है। इसकी एक झलक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में देखने को मिली। भदोही की कारीगरी ने देश और विदेश के खरीदारों को अपनी ओर आकर्षित किया। वहीं, इस पुश्तैनी कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए युवा पीढ़ी आगे आ रही है।

ट्रेड शो के दूसरे संस्करण में भदोही के 30 से 35 कालीन कारोबारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अपने खास डिजाइन और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध यहां के ऊन, जूट, सिल्क और कॉटन से निर्मित कालीनों ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। ट्रेड शो के आखिरी दो दिन शनिवार और रविवार को लोगों को खरीदारी करते हुए भी देखा गया। हॉल नंबर-9 में स्टॉल लगाने वाले वजीर अहमद ने बताया कि भदोही के कालीन की अमेरिका, रूस, जापान, तुर्किये आदि देशों में अच्छी खासी मांग है। इनके पास 3000 से लेकर 10 लाख कीमत तक के कालीन मौजूद हैं। हालांकि स्पेशल मांग के आधार पर इससे भी अधिक कीमत के कालीन तैयार किए जाते हैं। सिल्क से तैयार कालीन की कीमत ज्यादा होती है।

वहीं, द नेशनल कारपेट के मालिक मोहम्मद कमाल कहते हैं कि भदोही के कालीन की पुरानी पहचान है। उनका दावा है कि भदोही में निर्मित कालीन की कोई और नकल नहीं कर सकता। कनाडा, यूएसए, लंदन, बांग्लादेश आदि देशों में यहां के कालीन की मांग है। मोहम्मद कमाल 16 लाख रुपये कीमत तक के कालीन बेच चुके है। उनका कहना है कि सरकार के प्रयास से कालीन का कारोबार बढ़ रहा है। कारोबार का अच्छा माहौल देख युवा पीढ़ी इस क्षेत्र में आ रही है। भदोही से ही आए कारोबारी आसिफ नवाज का कहना है कि केंद्र और प्रदेश सरकार स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का काम कर रही है। इसका हमें फायदा मिल रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कारोबार में अच्छी खासी वृद्धि हुई है। इसका फायदा यह हुआ है कि युवा पीढ़ी पुश्तैनी कारोबार को बढ़ाने के लिए आगे आ रही है। ट्रेड शो में ज्यादातार युवा कारोबारियों ने हिस्सा लिया।

एक जिला एक उत्पाद के साथ जीआई टैग भी मिला है

विश्व प्रसिद्ध भदोही के कालीन को भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग मिला है। वहीं, प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत भी भदोही के कालीन को सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए कारोबारियों को व्यापार मेला सहित अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने का मौका दिया जा रहा है।

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