Education Focus: हमीरपुर में साइंस कॉलेज, एलाइड एवं हेल्थ कॉलेज और एम्स स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान खोलने की घोषणा

Education Focus: हमीरपुर में साइंस कॉलेज, एलाइड एवं हेल्थ कॉलेज और एम्स स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान खोलने की घोषणा

शिमला, 14 अगस्त। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को हमीरपुर के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश का पहला ‘साइंस कॉलेज’ हमीरपुर में खोलने की घोषणा की। इस परियोजना पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, कॉलेज के लिए 80 कनाल भूमि चिन्हित की जा चुकी है और परियोजना के लिए 20 करोड़ रुपये जारी भी कर दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री हमीरपुर स्थित राजकीय महाविद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने हमीरपुर में एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय खोलने की भी घोषणा की। इसके अलावा जिले में 74 एकड़ भूमि पर एम्स स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान स्थापित करने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी का दर्जा दिया गया है, जबकि हमीरपुर को शिक्षा की राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर के विद्यार्थी देशभर में हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं और प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनके घर के नजदीक बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में 156 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं। इन स्कूलों के शुरू होने के बाद विद्यार्थियों के नामांकन में करीब 24 हजार की वृद्धि हुई है। स्कूलों के संचालन और बुनियादी ढांचे के लिए 80 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं और एक हजार से अधिक युवाओं को करुणामूलक आधार पर रोजगार दिया गया है।

उच्च शिक्षा में शिक्षकों की कमी दूर करने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए एक योजना तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए महाविद्यालयों का युक्तिकरण भी आवश्यक है। सरकार युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और राज्य चयन आयोग तथा हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं।

सुक्खू ने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एक भी भर्ती परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक नहीं हुआ है। उन्होंने पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस भर्ती सहित विभिन्न परीक्षाओं में प्रश्न-पत्र लीक और कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद कर्मचारी चयन आयोग को भंग किया गया और भर्ती प्रश्न-पत्र लीक करने वालों को जेल भेजा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता सुनिश्चित करने के लिए कई भर्तियों में अनिवार्य साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त कर मेरिट आधारित चयन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से होने वाली भर्तियों में अब लिखित परीक्षा और साक्षात्कार दोनों के अंकों को आधार बनाया जाता है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी और आधुनिक जांच सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र को राज्य सरकार की दूसरी प्रमुख प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि बीमारियों की शुरुआती पहचान के लिए प्रदेश में निदान संबंधी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। राज्य में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। इसके तहत मरीजों से 30 हजार रुपये लिए जा रहे हैं, जबकि राज्य सरकार की ओर से 90 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि बीमारियों की अधिक सटीक जांच के लिए मेडिकल कॉलेजों में 3-टेस्ला एमआरआई मशीनें भी स्थापित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया।

छात्रों को असफलता से सीख लेने की सलाह

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर प्रयास में सफलता मिलना जरूरी नहीं है, लेकिन असफलताओं को सीखने और आगे सफलता की राह तलाशने का अवसर समझना चाहिए।

उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा एनएसयूआई से शुरू हुई थी और राजनीति में प्रवेश करना उनका लक्ष्य रहा। उन्होंने कहा कि आज वह प्रदेश की जनता की सेवा मुख्यमंत्री के रूप में कर रहे हैं।

किशाऊ परियोजना पर भुगतान को लेकर शर्त स्पष्ट

मुख्यमंत्री ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने पिछली भाजपा सरकार के दौरान 422 मेगावाट की किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर किए गए समझौते को स्वीकार नहीं किया है। उनके अनुसार, उस समझौते के तहत हिमाचल प्रदेश को बिजली उत्पादन की लागत का बड़ा हिस्सा वहन करना पड़ता।

उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार के दृढ़ रुख के कारण अब हिमाचल प्रदेश को बिना किसी वित्तीय निवेश के करीब 600 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व के रूप में प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर तभी आगे बढ़ेगा, जब पड़ोसी राज्य अगली सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट में शपथ-पत्र दाखिल कर यह सुनिश्चित करें कि वे भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के बकाया भुगतान में अपना हिस्सा हिमाचल प्रदेश को देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन शर्तों के पूरा होने के बाद ही परियोजना को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई स्कूल स्थापित करने की नई पहल शुरू हुई है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी शुरू होने को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने नीट अभ्यर्थियों पर कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस विद्यार्थियों के साथ खड़ी रहेगी।

 

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