AIIMS Bilaspur: एम्स बिलासपुर के विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग देगी प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर दिया जोर
शिमला, 12 अगस्त। हिमाचल प्रदेश सरकार ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि एम्स बिलासपुर को उत्कृष्ट स्वास्थ्य संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि प्रदेश के लोगों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री बुधवार को बिलासपुर जिले के एक दिवसीय दौरे के दौरान एम्स बिलासपुर पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों और संस्थान के अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में चिकित्सा सुविधाओं को लगातार मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
दिसंबर 2026 तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 तक प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने कहा कि बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित होने से प्रदेशवासियों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता कम होगी।
चिकित्सकों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय ले रही है। विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को प्रदेश में आकर्षित करने के लिए बेहतर वेतन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को प्रोफेसर के पद पर डेजिग्नेट करने के लिए प्रदेश सरकार निर्धारित मापदंडों में भी आवश्यक छूट प्रदान कर रही है, ताकि चिकित्सा संस्थानों में विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ाई जा सके।
कई अस्पतालों में एमआरआई सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में डायग्नोस्टिक सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। आईजीएमसी शिमला और एआईएमएसएस चमियाना में 3-टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं।
इसके अलावा क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, कुल्लू, ऊना और सोलन, जिला अस्पताल किन्नौर, डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नाहन, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला और सिविल अस्पताल पालमपुर में 1.5-टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं।
इन सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर जांच सुविधा मिलने की उम्मीद है और उन्हें उन्नत जांच के लिए दूर के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
पीजी मेडिकल सीटों में 330 सीटें बढ़ाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में पीजी मेडिकल सीटों में 330 सीटों की वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने और प्रदेश में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को एक साथ मजबूत करने से आने वाले समय में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
जीन थेरेपी और फोटो थेरेपी के क्षेत्र में भी काम
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने जीन थेरेपी और फोटो थेरेपी के क्षेत्र में भी काम शुरू किया है। इन उन्नत चिकित्सा क्षेत्रों में विशेषज्ञता और सहयोग हासिल करने के लिए अमेरिका के चिकित्सकों के साथ बातचीत की जा रही है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को प्रदेश में लाने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए सरकार विशेषज्ञ संस्थानों और चिकित्सकों के साथ सहयोग बढ़ा रही है।
इस अवसर पर नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर, पूर्व विधायक तिलक राज, एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. दलजीत सिंह, उपायुक्त राहुल कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



