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Delhi Hanuman Janmotsav: हनुमान जन्मोत्सव पर दिल्ली के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, जयकारों और भक्ति से गूंजा पूरा शहर

Delhi Hanuman Janmotsav: हनुमान जन्मोत्सव पर दिल्ली के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, जयकारों और भक्ति से गूंजा पूरा शहर

रिपोर्ट: रवि डालमिया

दिल्ली में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। राजधानी के विभिन्न प्रमुख हनुमान मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और हर ओर धार्मिक उत्साह का वातावरण नजर आया। विशेष रूप से श्री हनुमान बालाजी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, जहां लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर बाबा के दरबार में पहुंचे और दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

मंदिर परिसर में लगातार “जय श्रीराम” और “बाबा बालाजी” के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। जगह-जगह हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्ति संगीत, भजन और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

इस अवसर पर मनोज कुमार जोशी ने कहा कि हनुमानजी की कृपा भगवान राम के माध्यम से सभी भक्तों पर बनी रहती है। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि इस दिव्य माहौल को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है, इसे केवल महसूस किया जा सकता है। वहीं कई श्रद्धालुओं का कहना था कि वे केवल दर्शन के लिए आते हैं और कुछ मांगने की आवश्यकता नहीं समझते, क्योंकि बाबा ने पहले ही सब कुछ प्रदान कर दिया है।

श्रद्धालुओं ने मंदिर में की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की और कहा कि इतनी सुव्यवस्थित व्यवस्था उन्होंने बहुत कम स्थानों पर देखी है। कई भक्तों ने बताया कि वे पिछले 21 वर्षों से लगातार यहां आ रहे हैं और हर साल का आयोजन पहले से अधिक भव्य होता जा रहा है।

मंदिर समिति की ओर से प्रसाद वितरण, जल व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। पूरे दिन मंदिरों में भक्तों की आवाजाही बनी रही और आस्था का यह सिलसिला लगातार चलता रहा।

कुल मिलाकर हनुमान जन्मोत्सव पर दिल्ली के मंदिरों में आस्था, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने हर श्रद्धालु को भावविभोर कर दिया और पूरे शहर को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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