Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमानMathura : वृंदावन में धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज, बोला संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानChandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमा

Indian Coast Guard: समुद्री रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा होगी हाईटेक, ड्रोन निगरानी और संयुक्त सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने पर जोर

Indian Coast Guard: समुद्री रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा होगी हाईटेक, ड्रोन निगरानी और संयुक्त सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने पर जोर

नई दिल्ली। देश के समुद्री ऊर्जा प्रतिष्ठानों और ऑफशोर सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से ऑफशोर सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन कमेटी (ओएससीसी) की अहम बैठक बुधवार को अहमदाबाद में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक डीजी परमेश शिवमणि, एवीएसएम ने की।

ऑफशोर सुरक्षा ढांचे में समुद्र में तट से दूर स्थित तेल कुओं, गैस रिग, पवन ऊर्जा परियोजनाओं, जहाजों और वहां कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा शामिल होती है। बैठक में इन महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को आधुनिक तकनीक के जरिए और अधिक मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में भारतीय तटरक्षक बल, भारतीय नौसेना, वायुसेना, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, डीजी शिपिंग, इंटेलिजेंस ब्यूरो, ओएनजीसी और विभिन्न राज्यों की पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

अधिकारियों ने बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा हालात, ड्रोन और अन्य मानवरहित प्रणालियों से बढ़ते खतरों तथा अंडमान-निकोबार क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही ऑफशोर ऊर्जा खोज गतिविधियों पर चिंता जताई। इसके साथ ही समुद्री सुरक्षा ढांचे को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाने की जरूरत पर जोर दिया गया।

बैठक में समुद्री निगरानी क्षमता बढ़ाने, एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने, आधुनिक निगरानी तकनीकों के इस्तेमाल और संयुक्त प्रतिक्रिया प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने कहा कि देश की महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए तकनीकी क्षमता और समन्वय को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें