Noida Accident: हिंडन विसर्जन से लौटते श्रद्धालुओं का टेंपो पलटा, तीसरे व्यक्ति की भी मौत, 13 घायल उपचाराधीन

Noida Accident: हिंडन विसर्जन से लौटते श्रद्धालुओं का टेंपो पलटा, तीसरे व्यक्ति की भी मौत, 13 घायल उपचाराधीन
नोएडा। रविवार शाम एफएनजी लिंक मार्ग पर हुआ दर्दनाक हादसा अब और गंभीर हो गया है। हिंडन नदी में मूर्ति विसर्जन के बाद लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा टेंपो पलटने से घायल तीसरे व्यक्ति की भी सोमवार को मौत हो गई। हादसे में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 13 अन्य घायल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। यह घटना रविवार शाम करीब पांच बजे एफएनजी लिंक रोड पर स्थित हिंडन पुल के पास हुई थी।
जानकारी के अनुसार, रविवार को नोएडा के सेक्टर-73 स्थित सर्फाबाद गांव समाज की ओर से काली पूजा का आयोजन किया गया था। पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालु मूर्ति विसर्जन के लिए हिंडन नदी गए थे। विसर्जन के बाद सभी लोग एक टेंपो में सवार होकर वापस सर्फाबाद लौट रहे थे। टेंपो में 16 से अधिक लोग बैठे थे, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे। सभी श्रद्धालु पश्चिम बंगाल के मूल निवासी हैं और नोएडा में मजदूरी का कार्य करते हैं।
जैसे ही टेंपो हिंडन पुल पार करके एफएनजी लिंक मार्ग पर पहुंचा, चालक अचानक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। तेज गति में चल रहा टेंपो डिवाइडर से टकराया और पलट गया। हादसे के दौरान कई सवारियां उछलकर करीब 25 फीट नीचे सड़क किनारे जा गिरीं। लोगों के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
हादसे में रविवार शाम को ही 55 वर्षीय रंजीत और 42 वर्षीय वासुदेव की मौत हो गई थी। सोमवार को इलाज के दौरान 52 वर्षीय दुर्योधन ने भी दम तोड़ दिया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, 13 घायलों का इलाज जारी है, जिनमें से कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
घटना के बाद इलाके में शोक की लहर है। सर्फाबाद और आसपास के इलाकों में रहने वाले बंगाली समुदाय के लोगों ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। पुलिस का कहना है कि हादसे की जांच की जा रही है और टेंपो चालक से पूछताछ की जाएगी कि उसने वाहन पर नियंत्रण क्यों खोया। प्रारंभिक जांच में बताया गया है कि टेंपो में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी थीं, जिससे हादसा हुआ।
यह घटना त्योहारों के दौरान सड़क सुरक्षा की गंभीर लापरवाही को एक बार फिर उजागर करती है। भीड़-भाड़ और श्रद्धालु यात्राओं के समय ऐसे हादसों से बचने के लिए प्रशासन और आयोजकों दोनों को सख्त प्रबंधन की जरूरत है।
