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Uttar Pradesh : योगी सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर विजन को नई उड़ान, चिल्ला एलिवेटेड रोड परियोजना से एनसीआर के ट्रैफिक में लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। इसी क्रम में नोएडा और दिल्ली के बीच ट्रैफिक दबाव कम करने तथा बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चिल्ला रेगुलेटर के निकट मयूर विहार से महामाया फ्लाईओवर तक बन रही एलिवेटेड रोड परियोजना तेजी से आकार ले रही है।

इस दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम द्वारा तैयार की जा रही यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग ₹892.75 करोड़ की लागत से विकसित की जा रही है। इस परियोजना के तहत 5.57 किलोमीटर लंबी 6 लेन एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जा रहा है, जिससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के बीच आवागमन और अधिक सुगम होगा।

इस परियोजना का उद्देश्य डीएससी रोड और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से बनी भारी ट्रैफिक समस्या का समाधान करना है। एलिवेटेड रोड बनने के बाद दिल्ली के मयूर विहार, नोएडा सेक्टर-14ए, 15ए, 16 और 18 से होकर यातायात सीधे महामाया फ्लाईओवर और एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेगा। इससे जाम, यात्रा समय और प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
योगी सरकार की मॉनिटरिंग और तेज कार्यशैली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि परियोजना का पहला माइलस्टोन समय से हासिल कर लिया गया है और वर्तमान में कार्य निर्धारित शेड्यूल के अनुसार आगे बढ़ रहा है। अब तक परियोजना की कुल भौतिक प्रगति 52.11 प्रतिशत और वित्तीय प्रगति 42.57 प्रतिशत दर्ज की जा चुकी है।

राज्य सेतु निगम के अनुसार परियोजना में अब तक 1567 में से 1303 पाइल, 271 में से 184 पाइल कैप और 1310 में से 410 गर्डर का कार्य पूरा किया जा चुका है। वहीं परियोजना में पांच प्रमुख एंट्री और एग्जिट रैंप भी बनाए जा रहे हैं, जिससे नोएडा और दिल्ली के विभिन्न सेक्टरों के बीच निर्बाध ट्रैफिक मूवमेंट सुनिश्चित होगा।
योगी सरकार की एक्सप्रेसवे, फ्लाईओवर और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास नीति उत्तर प्रदेश को देश के सबसे आधुनिक कनेक्टिविटी नेटवर्क वाले राज्यों में स्थापित कर रही है। चिल्ला एलिवेटेड रोड परियोजना भी उसी विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है, जो भविष्य में एनसीआर क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देगी।

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