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PoK Crisis: प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के आरोप, सीक्रेट डोजियर में 19 बच्चों और 7 गर्भवती महिलाओं की मौत का दावा

PoK Crisis: प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के आरोप, सीक्रेट डोजियर में 19 बच्चों और 7 गर्भवती महिलाओं की मौत का दावा

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और पाकिस्तान सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर सामने आए एक सीक्रेट डोजियर ने पूरे क्षेत्र में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस गोपनीय दस्तावेज में 5 जून से 9 जून के बीच चलाए गए सुरक्षा अभियान का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कार्रवाई के दौरान 26 लोगों की मौत हुई, जिनमें 19 बच्चे और 7 गर्भवती महिलाएं शामिल थीं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।

डोजियर के मुताबिक विरोध प्रदर्शन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में किए जा रहे थे। प्रदर्शनकारी लगातार बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक संकट और कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे। लोगों का आरोप था कि उन्हें बुनियादी सुविधाएं और अधिकार नहीं मिल रहे हैं, जिसके चलते पूरे इलाके में असंतोष बढ़ता जा रहा था।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हालात को नियंत्रित करने के लिए पाकिस्तान ने करीब 14 हजार अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की। आरोप है कि सुरक्षा बलों ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर लाइव गोलियों का इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, मृतकों के अंतिम संस्कार और शोक सभाओं में शामिल लोगों को भी कथित तौर पर निशाना बनाया गया।

सीक्रेट डोजियर में कहा गया है कि कार्रवाई के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान आम नागरिकों को उठाना पड़ा। बच्चों और महिलाओं की मौत को लेकर रिपोर्ट में गंभीर चिंता जताई गई है। दस्तावेज में इन घटनाओं को “मानवीय संकट” बताते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।

रिपोर्ट में कम्युनिकेशन ब्लैकआउट का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि सुरक्षा अभियान के दौरान इंटरनेट और संचार सेवाओं को बंद कर दिया गया ताकि तस्वीरें, वीडियो और अन्य सबूत बाहर न पहुंच सकें। दावा किया गया कि इस कदम का उद्देश्य कार्रवाई से जुड़े घटनाक्रम को सार्वजनिक होने से रोकना था।

डोजियर में यह भी कहा गया है कि आंदोलन से जुड़े कई प्रमुख नेताओं को निशाना बनाया गया। कुछ नेताओं की मौत और कई अन्य की गिरफ्तारी के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

PoK में लगातार बिगड़ते हालात और कथित बल प्रयोग को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो यह मामला वैश्विक स्तर पर बड़ा मानवाधिकार मुद्दा बन सकता है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर स्वतंत्र जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

 

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