Mathura News : संसद के बाहर सांसद पप्पू यादव द्वारा किए गए प्रदर्शन को लेकर साधु-संतों में भारी आक्रोश है। गोवर्धन क्षेत्र के ग्राम जुल्हेदी स्थित आश्रम पर साधु-संत एकत्रित हुए और पप्पू यादव का कड़ा विरोध किया। उन्होंने पप्पू यादव को कंस का रूप दर्शाते हुए उनके पोस्टर लगाकर पुतले का दहन भी किया।
प्रदर्शन के दौरान साधु-संतों ने पप्पू यादव और उनके बयान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने संसद भवन की पवित्रता का हवाला देते हुए लोकसभा अध्यक्ष से पप्पू यादव की संसद सदस्यता तुरंत रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म, भगवा और जन आस्था का उपहास उड़ाने वाले जनप्रतिनिधियों को संसद में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
वहीं श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने भी पप्पू यादव के कृत्य पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। ये केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए समय-समय पर धार्मिक स्वांग रचते हैं, जबकि असलियत में इन्होंने हमेशा सनातन परंपराओं और देवी-देवताओं को नीचा दिखाने और बदनाम करने का काम किया है। दिनेश फलाहारी ने सरकार और प्रशासन से ऐसे कृत्य करने वालों पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की।
इस विरोध प्रदर्शन में गोवर्धन और आसपास के क्षेत्रों से आए अनेक साधु-संतों ने हिस्सा लिया। सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि सनातन धर्म और आस्था के प्रतीकों का इस प्रकार अपमान जारी रहा तो संत समाज चुप नहीं बैठेगा और इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन छेड़ेगा।


