Noida Airport News: नोएडा एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा 74.3 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे, 56 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित

Noida Airport News: नोएडा एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा 74.3 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे, 56 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना पर तेजी से काम आगे बढ़ रहा है। करीब 74.3 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। लगभग 4 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने के बाद जेवर एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा। इससे यात्रियों के साथ-साथ उद्योग और कार्गो परिवहन को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अनुसार, लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है। अब तक करीब 422 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है, जो कुल आवश्यकता का लगभग 57 प्रतिशत है। राज्य सरकार ने जमीन खरीद प्रक्रिया के लिए 1204 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। अधिकारियों का कहना है कि शेष भूमि अधिग्रहण का कार्य अगले एक महीने के भीतर पूरा किए जाने की संभावना है।
इस परियोजना के लिए कुल 56 गांवों की जमीन का उपयोग किया जाएगा। इनमें गौतमबुद्ध नगर जिले के 8 गांव और बुलंदशहर जिले के 48 गांव शामिल हैं। बुलंदशहर के ये गांव खुर्जा, सियाना, बुलंदशहर और सिकंदराबाद तहसीलों के अंतर्गत आते हैं। यीडा क्षेत्र के 16 गांवों से लगभग 740 एकड़ भूमि खरीदी जा रही है।
यह लिंक एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा विकसित किया जाएगा। योजना के अनुसार पहले यीडा जमीन का अधिग्रहण कर उसे यूपीडा को सौंपेगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। प्रस्तावित एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के सियाना क्षेत्र से शुरू होकर गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और आगे यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किलोमीटर पॉइंट पर सेक्टर-21 स्थित प्रस्तावित फिल्म सिटी के पास जाकर मिलेगा।
परियोजना के तहत करीब 20 किलोमीटर हिस्सा यीडा क्षेत्र में आएगा। इसमें लगभग 9 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड एक्सप्रेसवे भी बनाया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सर्विस रोड का निर्माण भी किया जाएगा, ताकि आसपास के गांवों की आवाजाही प्रभावित न हो और स्थानीय यातायात सुचारु बना रहे।
इस लिंक एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा लाभ यमुना सिटी के औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा। परियोजना पूरी होने के बाद सेक्टर-28, 29, 32 और 33 जैसे औद्योगिक सेक्टरों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और माल ढुलाई यानी कार्गो ट्रैफिक को तेज और आसान मार्ग उपलब्ध होगा। भविष्य में इस एक्सप्रेसवे को एनएच-34 से जोड़ने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद मेरठ, प्रयागराज, दिल्ली, आगरा और ग्रेटर नोएडा जैसे शहरों से एयरपोर्ट पहुंचना आसान हो जाएगा। इससे यात्रियों का समय बचेगा और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी नई गति मिलेगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। दिल्ली-एनसीआर के दूसरे बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित हो रहे इस एयरपोर्ट का पहला चरण पूरा हो चुका है। वर्तमान में यहां एक रनवे और एक टर्मिनल भवन के साथ सालाना लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता विकसित की गई है। भविष्य में एयरपोर्ट का विस्तार चार चरणों में किया जाएगा।
अधिकारियों का मानना है कि लिंक एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट विस्तार परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जेवर क्षेत्र उत्तर भारत के प्रमुख एविएशन, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक हब के रूप में विकसित होगा। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ-साथ आसपास के जिलों के आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।


