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Noida Land Dispute: युवती ने ‘तथाकथित’ भाजपा नेता पर प्लॉट कब्जाने और ₹5 लाख रंगदारी मांगने का लगाया आरोप, सीएम से लगाई न्याय की गुहार

Noida Land Dispute: युवती ने ‘तथाकथित’ भाजपा नेता पर प्लॉट कब्जाने और ₹5 लाख रंगदारी मांगने का लगाया आरोप, सीएम से लगाई न्याय की गुहार

रिपोर्ट: अजीत कुमार

नोएडा। नोएडा के थाना फेस-3 क्षेत्र स्थित सेक्टर-121 में एक युवती ने खुद को भाजपा से जुड़ा बताने वाले एक व्यक्ति और उसके सहयोगियों पर प्लॉट पर अवैध कब्जा करने तथा उसे खाली करने के बदले ₹5 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने अपनी जान को खतरा बताते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से मामले में आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है।

पीड़िता के अनुसार, सेक्टर-121 स्थित उसके प्लॉट पर कथित तौर पर दीनबन्धु नामक व्यक्ति और उसके सहयोगियों ने अवैध कब्जा कर लिया। युवती का आरोप है कि आरोपियों ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए प्लॉट पर भाजपा का बोर्ड भी लगा दिया, ताकि स्थानीय लोगों और प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके।

युवती का कहना है कि जब उसने अपनी जमीन वापस लेने का प्रयास किया तो कथित आरोपियों ने प्लॉट खाली करने के बदले ₹5 लाख की मांग की। पीड़िता का आरोप है कि उसे लगातार धमकियां भी दी जा रही हैं, जिससे वह और उसका परिवार भय के माहौल में रह रहे हैं।

मामले में पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि यदि राज्य में अपराध और भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, तो उसके मामले में भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा राजनीतिक पहचान का इस्तेमाल कर अवैध कब्जा या रंगदारी जैसी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

वहीं, स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि नोएडा प्राधिकरण और पुलिस अवैध अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का दावा करते हैं। ऐसे में यदि पीड़िता के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित एजेंसियों को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवती द्वारा लगाए गए आरोप कितने सही हैं और मामले में किसकी क्या भूमिका रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

 

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