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Health News: जिला अस्पताल में घायल महिला को समय पर इलाज नहीं मिलने का आरोप, 45 मिनट इंतजार के बाद निजी अस्पताल गई

Health News: जिला अस्पताल में घायल महिला को समय पर इलाज नहीं मिलने का आरोप, 45 मिनट इंतजार के बाद निजी अस्पताल गई

नोएडा। नोएडा के जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शनिवार सुबह एक घायल महिला के इलाज में कथित लापरवाही का मामला सामने आया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया। आरोप है कि महिला करीब 45 मिनट तक अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर इलाज का इंतजार करती रही, लेकिन समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण उसे अपने पति के साथ निजी अस्पताल जाना पड़ा। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

बताया जा रहा है कि घायल महिला शनिवार सुबह इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी। परिजनों के अनुसार, महिला के हाथ और पैर में चोट लगी थी और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। इसके बावजूद उसे काफी देर तक इमरजेंसी के बाहर बैठाकर रखा गया। इस दौरान न तो उसका समुचित उपचार शुरू किया गया और न ही डॉक्टरों की ओर से आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई।

घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला इमरजेंसी के बाहर बैठी दिखाई दे रही है। बाद में उसका पति उसका हाथ पकड़कर अस्पताल से बाहर ले जाता नजर आता है। वीडियो में पति अस्पताल कर्मचारियों पर समय पर इलाज न देने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाता हुआ भी दिखाई देता है। उसने कहा कि जब सरकारी अस्पताल में समय पर इलाज नहीं मिल रहा है, तो वह अपनी पत्नी को निजी अस्पताल में दिखाएगा।

परिजनों का कहना है कि अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने केवल पट्टी बांधने की बात कही, जबकि महिला की स्थिति को देखते हुए उसे विस्तृत जांच और उपचार की जरूरत थी। लगभग 45 मिनट तक इंतजार करने के बाद उन्होंने निजी अस्पताल जाने का फैसला किया। वीडियो में महिला के हाथ और पैर पर चोट के निशान भी स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, यह वीडियो अस्पताल में मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने रिकॉर्ड किया था, जो अपनी घरेलू सहायक की बेटी का इलाज कराने के लिए अस्पताल आया हुआ था। उसने भी अस्पताल में अव्यवस्था और मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिलने की बात कही। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

मामले पर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक झा ने कहा कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया था। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि मरीज के इलाज में लापरवाही बरती गई या अस्पताल कर्मचारियों ने अभद्र व्यवहार किया, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा।

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और समय पर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इमरजेंसी वार्ड में आने वाले मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।

 

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