दिल्ली

Women Safety: हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए ‘वन स्टॉप सेंटर’ बना बड़ा सहारा, 15.20 लाख से अधिक महिलाओं को मिली मदद

Women Safety: हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए ‘वन स्टॉप सेंटर’ बना बड़ा सहारा, 15.20 लाख से अधिक महिलाओं को मिली मदद

नई दिल्ली, 5 अगस्त। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और घरेलू हिंसा, उत्पीड़न तथा अन्य संकट की परिस्थितियों में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) देशभर में महिलाओं के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सा सहायता, कानूनी परामर्श, पुलिस सहयोग, अस्थायी आश्रय और मनोसामाजिक काउंसलिंग जैसी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल 2015 से जून 2026 तक देशभर में 1,033 वन स्टॉप सेंटरों को प्रशासनिक मंजूरी दी गई, जिनमें से 991 केंद्र वर्तमान में संचालित हैं।

उन्होंने बताया कि इन केंद्रों के माध्यम से अब तक 15.20 लाख से अधिक महिलाओं को विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसका उद्देश्य महिलाओं को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाते हुए सभी आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है, ताकि संकट की स्थिति में उन्हें तुरंत राहत मिल सके।

उत्तर प्रदेश में भी यह योजना प्रभावी रूप से संचालित हो रही है। यहां 124 वन स्टॉप सेंटर कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से 3.42 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता दी जा चुकी है। सरकार इन केंद्रों को महिला हेल्पलाइन से भी जोड़ रही है और अब तक 661 वन स्टॉप सेंटर महिला हेल्पलाइन के साथ एकीकृत किए जा चुके हैं।

महिला हेल्पलाइन को 112 आपातकालीन सेवा और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से भी जोड़ा गया है, जिससे संकट में फंसी महिलाओं और बच्चों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके। सरकार का कहना है कि भविष्य में इन सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाया जाएगा ताकि प्रत्येक जरूरतमंद महिला तक समय पर सहायता पहुंच सके।

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