Malviya Nagar Fire Incident: मालवीय नगर अग्निकांड मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज और अकाउंटेंट जय मिश्रा 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में

Malviya Nagar Fire Incident: मालवीय नगर अग्निकांड मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज और अकाउंटेंट जय मिश्रा 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में
रिपोर्ट: तीर्थांकर सरकार
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौजरानी इलाके के फ्लोरिश स्टे होटल में हुए भीषण अग्निकांड मामले में साकेत कोर्ट ने होटल मालिक लवकेश बजाज और अकाउंटेंट जय मिश्रा को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 22 जून को निर्धारित की गई है। होटल में लगी आग में 22 लोगों की मौत के बाद यह मामला राजधानी के सबसे चर्चित हादसों में शामिल हो गया है और दिल्ली पुलिस लगातार इसकी गहन जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, अकाउंटेंट जय मिश्रा ने सोमवार को अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की। वहीं होटल मालिक लवकेश बजाज पहले से पुलिस रिमांड पर था। पुलिस को उसकी चार दिन की हिरासत मिली थी, जिसे अदालत ने आगे बढ़ाते हुए दो दिन और बढ़ा दिया था। बुधवार को दोनों आरोपियों को हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद साकेत कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
इस मामले में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में होटल मालिक लवकेश बजाज, होटल के शेफ केशव नेगी और अकाउंटेंट जय मिश्रा शामिल हैं। शेफ केशव नेगी को पहले ही 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। वहीं पुलिस अब भी होटल के मैनेजर रूपेश की तलाश में जुटी हुई है, जिसे इस मामले का चौथा आरोपी माना जा रहा है।
जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज और अकाउंटेंट जय मिश्रा को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। दोनों से क्रॉस-इंटरोगेशन किया गया और होटल के संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, दस्तावेजों तथा लाइसेंस संबंधी कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपनी भूमिका को स्वीकार किया है।
जय मिश्रा ने पुलिस को बताया कि उसने होटल के लाइसेंस संबंधी प्रक्रिया के लिए अपने दस्तावेज होटल मालिक लवकेश बजाज को दिए थे। उसके अनुसार लाइसेंस प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया लवकेश बजाज ने ही पूरी करवाई थी। अब पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं होटल का लाइसेंस नियमों के विपरीत तरीके से तो जारी नहीं हुआ था और क्या इसमें किसी सरकारी विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत थी।
मामले की जांच कर रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों से होटल के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों, अग्निशमन व्यवस्थाओं, संचालन प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों के बारे में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि होटल में सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया और किन लापरवाहियों के कारण इतना बड़ा हादसा हुआ।
पूछताछ में जय मिश्रा ने खुलासा किया कि वह पिछले लगभग दस वर्षों से लवकेश बजाज के साथ काम कर रहा था। होटल के संचालन में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी और वह दो शिफ्टों में काम करता था। होटल के स्टाफ प्रबंधन, दस्तावेजों की देखरेख, सामान की व्यवस्था और दैनिक संचालन की जिम्मेदारी उसी के पास थी। उसकी मासिक सैलरी लगभग 35 हजार रुपये थी और होटल मालिक ने अधिकांश प्रशासनिक जिम्मेदारियां उसी पर छोड़ रखी थीं।
जय मिश्रा ने पुलिस को यह भी बताया कि अग्निकांड वाले दिन वह होटल के आसपास ही मौजूद था। सुबह करीब 9:30 बजे वह होटल पहुंचा था और कुछ समय तक वहीं रुका रहा। बाद में स्थिति बिगड़ती देख वह वहां से चला गया और अलग-अलग स्थानों पर घूमता रहा। उसने बताया कि वह मोबाइल फोन पर लाइव समाचार देखकर घटनाक्रम की जानकारी ले रहा था।
पूछताछ के दौरान जय मिश्रा ने कहा कि जब उसे पता चला कि होटल में विदेशी नागरिकों समेत बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गई है, तो वह घबरा गया और फरार हो गया। बाद में गिरफ्तारी की आशंका के चलते उसने अदालत में आत्मसमर्पण करने का फैसला किया।
गौरतलब है कि 3 जून को मालवीय नगर के हौजरानी स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में भीषण आग लग गई थी। इस हादसे में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद होटल में सुरक्षा मानकों के पालन, लाइसेंस प्रक्रिया और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। दिल्ली पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की हर एंगल से जांच कर रही हैं ताकि हादसे के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
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