Kharif 2026: खरीफ सीजन से पहले किसानों को राहत, देश में उर्वरकों का भरपूर भंडार, सरकार ने उपलब्धता का दिया भरोसा

Kharif 2026: खरीफ सीजन से पहले किसानों को राहत, देश में उर्वरकों का भरपूर भंडार, सरकार ने उपलब्धता का दिया भरोसा
नई दिल्ली। खरीफ-2026 सीजन की शुरुआत से पहले केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए आश्वस्त किया है कि देश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं होगी। उर्वरक विभाग के अनुसार अग्रिम योजना, रिकॉर्ड स्तर पर भंडारण और मजबूत लॉजिस्टिक्स व्यवस्था के कारण देशभर में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। सरकार का कहना है कि किसानों को समय पर और किफायती दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं। उर्वरक विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार खरीफ सीजन के लिए देश में 383.9 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की अनुमानित आवश्यकता है। इसके मुकाबले वर्तमान में 196.65 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का स्टॉक उपलब्ध है, जो कुल आवश्यकता का 51 प्रतिशत से अधिक है। अधिकारियों के मुताबिक यह भंडार सामान्य वर्षों की तुलना में काफी अधिक है और आगामी मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। सरकार ने बताया कि 14 जून तक देशभर के किसान 102.78 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों की खरीद कर चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि खरीफ सीजन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं और किसानों को आवश्यक उर्वरक समय पर उपलब्ध हो रहे हैं। इस बीच जैविक खेती की ओर किसानों का बढ़ता रुझान भी देखने को मिल रहा है। चालू सीजन में जैविक खाद की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अब तक 11.82 लाख मीट्रिक टन जैविक खाद की बिक्री हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा केवल 3.31 लाख मीट्रिक टन था। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यावरण अनुकूल खेती और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के प्रति किसानों की बढ़ती जागरूकता इसकी प्रमुख वजह है। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारत ने घरेलू उत्पादन और रणनीतिक आयात के माध्यम से यूरिया, डीएपी और अन्य प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखी है। सरकार ने विभिन्न देशों के साथ समन्वय स्थापित कर समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उर्वरक विभाग के अनुसार 28 भारतीय मिशनों के सहयोग से कई देशों से उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा जून माह में 25 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरकों के आयात की भी संभावना है, जिससे भंडार और मजबूत होगा तथा आगामी मांग को आसानी से पूरा किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि देश की उर्वरक सुरक्षा पूरी तरह मजबूत और स्थिर है। किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने, कीमतों को नियंत्रित रखने और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार लगातार निगरानी कर रही है। अधिकारियों का विश्वास है कि पर्याप्त स्टॉक और बेहतर आपूर्ति व्यवस्था के कारण खरीफ सीजन में किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।





