दिल्ली

AIIMS Delhi: नवजातों में ब्रेन ट्यूमर की जल्द पहचान पर विशेषज्ञों ने दिया जोर

AIIMS Delhi: नवजातों में ब्रेन ट्यूमर की जल्द पहचान पर विशेषज्ञों ने दिया जोर

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में नवजात और बच्चों में होने वाले ब्रेन ट्यूमर की समय रहते पहचान और बेहतर इलाज को लेकर देश-विदेश के विशेषज्ञों ने गहन मंथन किया। सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि शुरुआती लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार से बच्चों की जान बचाई जा सकती है और इलाज के बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

एम्स के न्यूरोसर्जन डॉ. दीपक गुप्ता ने कहा कि नवजात और छोटे बच्चों में ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए समय रहते जांच और विशेषज्ञ उपचार तक मरीजों की पहुंच सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।

सम्मेलन के दौरान भारत में बाल ब्रेन ट्यूमर का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से जोड़ने के लिए टेलीमेडिसिन नेटवर्क विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा गया।

एम्स के एसईटी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इंडियन सोसाइटी फॉर पीडियाट्रिक न्यूरोसर्जरी की मिड-टर्म बैठक में भारत सहित कई देशों के लगभग 150 विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। पहले दिन ब्रेन ट्यूमर पर वैज्ञानिक चर्चा के अलावा ब्रेन डिसेक्शन और इंट्रा-ऑपरेटिव अल्ट्रासाउंड जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर व्यावहारिक कार्यशालाएं आयोजित की गईं।

विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर डेटाबेस और टेलीमेडिसिन नेटवर्क बनने से बच्चों में ब्रेन ट्यूमर की शीघ्र पहचान संभव होगी और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को भी समय पर विशेषज्ञ सलाह मिल सकेगी।

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