Noida International Airport: निर्माण कार्य पूरा, उद्घाटन की तैयारी तेज

Noida International Airport: निर्माण कार्य पूरा, उद्घाटन की तैयारी तेज
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य अब पूरी तरह से पूरा हो चुका है और इसके उद्घाटन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। टर्मिनल बिल्डिंग से लेकर एयरपोर्ट सर्विलांस रडार, नेविगेशन सिस्टम और अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों तक सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एयरपोर्ट की प्रगति से जुड़ा एक वीडियो साझा किया, जिसमें एयरपोर्ट संचालन से संबंधित हर महत्वपूर्ण पहलू को दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर अंतिम तैयारियां चल रही हैं।
साझा किए गए वीडियो में एयरपोर्ट की एक्सेस रोड, ईंधन टैंक, ऑपरेशन सेंटर, जल और सीवेज सिस्टम, चेक पोस्ट, टर्मिनल बिल्डिंग, घरेलू टर्मिनल काउंटर, ई-गेट्स, बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, पैसेंजर लाउंज, विमानों की पार्किंग के लिए एप्रन, कार्गो टर्मिनल, सोलर फार्म, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, ग्राउंड हैंडलिंग वाहनों के लिए सीएनजी पंप, ईवी चार्जिंग स्टेशन, रनवे, टैक्सी-वे और नेविगेशन सिस्टम जैसी सभी सुविधाओं की जानकारी दी गई है। अधिकारियों के अनुसार अब केवल एयरोड्रम लाइसेंस से जुड़ी औपचारिकताएं शेष हैं, जो अंतिम चरण में हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण कुल 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया गया है। रनवे पर दिसंबर 2024 में इंडिगो के यात्री विमान की सफल लैंडिंग कर ट्रायल किया जा चुका है। इसके बाद वर्ष 2025 में अक्टूबर के अंत और नवंबर के पहले सप्ताह में छोटे विमानों के जरिए उपकरणों और तकनीकी व्यवस्थाओं की दोबारा जांच की गई थी। एयरपोर्ट का निर्माण कर रही कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने दो बार स्थानीय लोगों और कर्मचारियों को यात्री बनाकर चेक-इन, बोर्डिंग, बैगेज हैंडलिंग और सुरक्षा व्यवस्थाओं का परीक्षण भी किया, जो सफल रहा। उद्घाटन के बाद यह उत्तर प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा, जिससे प्रदेश की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर भी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने तैयारी तेज कर दी है।
सेक्टर-8, 8डी, 11, 4ए, 5ए और 5 में तेजी से भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। सेक्टर-8डी को लॉजिस्टिक और वेयरहाउस हब के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसके लिए थोरा और दयौरार गांव की जमीन खरीदी जा रही है। हाल ही में करीब 30 किसानों की सूची जारी कर आपत्तियों के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। भविष्य की योजना के तहत पहले चरण में एयरपोर्ट से हर वर्ष लगभग 12 मिलियन यात्री यात्रा कर सकेंगे, जबकि चौथे चरण तक यह क्षमता बढ़कर 70 मिलियन यात्रियों प्रतिवर्ष हो जाएगी। शुरुआती चरण में लगभग एक लाख फ्लाइट्स का संचालन होगा, जो आगे चलकर पांच लाख फ्लाइट्स प्रतिवर्ष तक पहुंच सकता है। एयरपोर्ट पर उत्तर रनवे की लंबाई 3900 मीटर और दक्षिण रनवे की लंबाई 4150 मीटर निर्धारित की गई है, जो बड़े विमानों के संचालन के लिए पूरी तरह सक्षम है।
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