नई दिल्ली: गुदा-मलाशय रोगों के इलाज में कोताही पड़ सकती है भारी

नई दिल्ली, 21 मई : बवासीर, भगंदर (फिस्टुला), फिशर और पाइलोनिडल साइनस, सभी गुदा और मलाशय से जुड़े रोग हैं। इनका उपचार सरकारी अस्पतालों में आसानी से उपलब्ध है, लेकिन जागरूकता के अभाव में मरीज गुदा मार्ग के संक्रमण व अन्य जटिल समस्याओं के साथ गुदा कैंसर तक के शिकार बन जाते हैं।

यह जानकारी लोकनायक अस्पताल के गुदा एवं मलाशय रोग विभाग के सर्जन और प्रॉक्टोलॉजी क्लीनिक के प्रभारी डॉ. पवन लाल ने बुधवार को रोगी जागरूकता सप्ताह (21-27 मई ) के दौरान उपस्थित लोगों को दी। इस अवसर पर चिकित्सा निदेशक डॉ. बीएल चौधरी ने कहा, स्वास्थ्य सेवा में जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। रोगी जागरूकता, निवारक चिकित्सा का एक प्रमुख आधार है। जब हम जानकारी के माध्यम से नागरिकों को सशक्त बनाते हैं, तो स्वास्थ्य उपचार परिणामों में सुधार लाने में मदद मिलती है। इस कार्यक्रम में फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ के साथ 50 से अधिक रोगी मौजूद रहे।

डॉ. लाल ने कहा, आम तौर पर लोग मलाशय संबंधी बीमारी की पहचान करने में असमर्थ होते हैं जो उनके गुदा क्षेत्र में असुविधा का कारण बनती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन तीनों स्थितियों के लक्षण लगभग एक जैसे होते हैं। अक्सर झिझक और उचित जानकारी के अभाव में मरीज तथाकथित बंगाली और मद्रासी दवाखाना के चक्कर में फंस जाते हैं। जो अकुशल और अवैज्ञानिक तरीके से मरीज का इलाज करते हैं और मरीज के मर्ज को बढ़ा देते हैं। इस जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य आम सर्जिकल रोगों के बारे में जनता को शिक्षित करना और समय पर चिकित्सकीय सलाह को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा, अगर आप गुदा संबंधी किसी भी समस्या से जूझ रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और उचित उपचार प्राप्त करें। चूंकि गुदा संबंधी रोगों के सही उपचार न होने से गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। इसके लिए लोकनायक अस्पताल की चौथी मंजिल पर प्रॉक्टोलॉजी क्लीनिक स्थापित किया गया है जहां हर बुधवार को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक बवासीर, भगंदर (फिस्टुला), फिशर और पाइलोनिडल साइनस जैसे रोगों का निशुल्क इलाज किया जाता है।

दिल्ली में बवासीर के 31 लाख रोगी
डॉ. पवन लाल के मुताबिक गुदा कैंसर की बात करें तो इसकी प्रचलन – दर एक लाख आबादी में लगभग 6.9 पीड़ित हैं। वहीं बवासीर, एक आम स्थिति बना हुआ है जिसे पाइल्स के नाम से भी जाना जाता है। अध्ययनों का अनुमान है कि देश की लगभग 11% आबादी को बवासीर है। इस हिसाब से 3 करोड़ की आबादी वाले दिल्ली में लगभग 31 लाख रोगी बवासीर से पीड़ित हैं। देश में लगभग 10,000 लोगों में से 1 मरीज फिस्टुला से पीड़ित है। जिसके चलते देश में होने वाली तमाम शल्य चिकित्साओं में से लगभग 1.6% गुदा फिस्टुला के कारण होती हैं।

मलाइका अरोड़ा ने अर्जुन कपूर के साथ ब्रेकअप की खबरों के बीच अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक रहस्यमयी पोस्ट शेयर की, कहा ‘हममें से हर किसी के पास सिर्फ़…’

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img