Florence Nightingale Award: राष्ट्रपति ने 15 नर्सिंग कर्मियों को किया सम्मानित

Florence Nightingale Award: राष्ट्रपति ने 15 नर्सिंग कर्मियों को किया सम्मानित
New Delhi में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान 15 नर्सिंग पेशेवरों को राष्ट्रीय Florence Nightingale Award से सम्मानित किया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार नर्सिंग सेवा, समर्पण, उत्कृष्ट कार्य और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले नर्सिंग कर्मियों को प्रदान किया जाता है।
समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda और केंद्रीय राज्य मंत्री Prataprao Jadhav भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग कर्मी सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता की मिसाल होते हैं। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी नर्सिंग स्टाफ स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनकर कार्य करता है और मरीजों की देखभाल में अहम भूमिका निभाता है।
पुरस्कार प्राप्त करने वालों में दिल्ली के दो प्रमुख नर्सिंग अधिकारी भी शामिल रहे। इनमें Lisamma PV, जो दिल्ली स्थित आर्मी मुख्यालय की सैन्य नर्सिंग सेवा में अतिरिक्त महानिदेशक हैं, तथा Dr. Shravan Kumar Dhaka शामिल हैं। डॉ. श्रवण कुमार ढाका रोहिणी स्थित सीडीएमओ कार्यालय में पब्लिक हेल्थ नर्सिंग अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
डॉ. श्रवण कुमार ढाका को कोविड-19 टीकाकरण अभियान में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने महामारी के दौरान टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं मेजर जनरल लिसम्मा पीवी को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में लगभग 40 वर्षों की उत्कृष्ट सेवाओं और समर्पण के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
सरकार की ओर से प्रत्येक विजेता को प्रशस्ति पत्र, स्वर्ण पदक और एक लाख रुपये की नकद राशि दी गई। कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार ने नर्सिंग शिक्षा को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देशभर में 157 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की घोषणा भी की।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सम्मान नर्सिंग पेशे से जुड़े लोगों का मनोबल बढ़ाते हैं और युवाओं को भी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित करते हैं। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर आयोजित यह समारोह स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सिंग समुदाय के योगदान को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर बना।





