AIIMS Convocation: उपराष्ट्रपति बोले- चिकित्सा क्षेत्र में नए वैश्विक मानदंड स्थापित कर रहा है एम्स

AIIMS Convocation: उपराष्ट्रपति बोले- चिकित्सा क्षेत्र में नए वैश्विक मानदंड स्थापित कर रहा है एम्स
New Delhi में आयोजित All India Institute of Medical Sciences के 51वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan ने कहा कि एम्स अब केवल अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन नहीं कर रहा, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में नए वैश्विक मानदंड स्थापित कर रहा है। भारत मंडपम में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव ला रहा है, लेकिन किसी भी एआई तकनीक में मरीज के पास मौजूद डॉक्टर की मानवीय संवेदना और उपस्थिति का विकल्प बनने की क्षमता नहीं है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी प्रगति महत्वपूर्ण है, लेकिन डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास, सहानुभूति और मानवीय जुड़ाव हमेशा सबसे अहम रहेगा। उन्होंने युवा डॉक्टरों से अपील की कि वे करुणा, ईमानदारी और जनविश्वास को अपने पेशे की सबसे बड़ी पूंजी बनाएं।
उन्होंने कहा कि एम्स दिल्ली ने चिकित्सा उत्कृष्टता, रिसर्च और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं के बीच अद्वितीय संतुलन स्थापित किया है। महामारी प्रबंधन से लेकर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं तक, एम्स पूरे भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में गुणवत्ता और भरोसे का प्रतीक बन चुका है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय चिकित्सा संस्थान अब वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहे हैं।
समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda, एम्स निदेशक Dr. Nikhil Tandon, आरपी सेंटर की प्रमुख Dr. Radhika Tandon और न्यूरो साइंसेज सेंटर के प्रमुख Dr. Shailesh B. Gaikwad समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक और विशेषज्ञ मौजूद रहे।
उपराष्ट्रपति ने अंटार्कटिका में एम्स द्वारा किए गए रिमोट रोबोटिक अल्ट्रासाउंड का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय चिकित्सा विशेषज्ञता अब भौगोलिक सीमाओं से आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने World Health Organization के साथ सहयोग और इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर एआई इन हेल्थ जैसी पहलों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत स्वास्थ्य तकनीक और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में तेजी से वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है।
दीक्षांत समारोह में कुल 523 विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की डिग्रियां प्रदान की गईं। इसके अलावा चिकित्सा, शिक्षण और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए Dr. V. S. Mehta सहित पांच वरिष्ठ चिकित्सकों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
एम्स दिल्ली ने हाल के वर्षों में वैश्विक रैंकिंग में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में दो वर्षों के भीतर 40 स्थानों की छलांग लगाकर 105वां स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही एम्स लगातार आठ वर्षों से एनआईआरएफ मेडिकल श्रेणी में देश में पहले स्थान पर बना हुआ है। संस्थान के 57 विशेषज्ञ Stanford University की विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हैं।





