Rafale Fighter Jet Deal: भारत ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद प्रक्रिया शुरू की, दुश्मनों की बढ़ी चिंता

Rafale Fighter Jet Deal: भारत ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद प्रक्रिया शुरू की, दुश्मनों की बढ़ी चिंता

भारत अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। केंद्र सरकार ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। रक्षा मंत्रालय के अधिग्रहण विंग की ओर से पिछले सप्ताह फ्रांसीसी सरकार को लेटर ऑफ रिक्वेस्ट (LoR) भेजा गया है। यह डील करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की बताई जा रही है और इसे भारत के सबसे बड़े रक्षा सौदों में से एक माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, फ्रांस की ओर से अगले दो से तीन महीनों में जवाब मिलने की उम्मीद है। इसके बाद बातचीत और तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर अगले एक साल के भीतर इस समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इस डील को भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने और आधुनिक युद्ध क्षमताओं को मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

यह खरीद भारतीय वायुसेना के मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) कार्यक्रम का हिस्सा है। वर्तमान समय में भारतीय वायुसेना के पास केवल 29 स्क्वाड्रन मौजूद हैं, जबकि आवश्यकता 42.5 स्क्वाड्रन की बताई जाती है। ऐसे में नए राफेल विमानों की खरीद वायुसेना की घटती ताकत को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाएगी। इससे पहले भारत 2016 में फ्रांस के साथ 36 राफेल विमानों की डील कर चुका है, जो अब वायुसेना का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।

इस नई डील की सबसे खास बात यह है कि अधिकांश राफेल लड़ाकू विमान भारत में ही बनाए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट एविएशन भारतीय पार्टनर के साथ मिलकर करीब 90 से 94 विमानों का उत्पादन भारत में करेगी, जबकि बाकी विमान सीधे फ्रांस से आएंगे। इस परियोजना में लगभग 50 प्रतिशत लोकलाइजेशन का लक्ष्य रखा गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहली बार होगा जब फ्रांस के बाहर राफेल लड़ाकू विमानों का निर्माण किया जाएगा। इससे भारत के रक्षा निर्माण क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलेगा और मेक इन इंडिया अभियान को नई गति मिलेगी। इसके अलावा इस डील में भारत को स्वदेशी हथियार और सिस्टम राफेल विमानों में शामिल करने की भी अनुमति दी जाएगी।

रक्षा सूत्रों के मुताबिक इस पूरे सौदे में पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी और किसी भी प्रकार के बिचौलियों की भूमिका नहीं होगी। सरकार इसे पूरी तरह सरकारी स्तर पर आगे बढ़ा रही है।

यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित फ्रांस यात्रा से पहले उठाया गया है। वहीं भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी इस समय फ्रांस में मौजूद हैं और वहां दसॉल्ट एविएशन की फैसिलिटी का दौरा कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को लेकर कई अहम चर्चाएं हो सकती हैं।

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि 114 नए राफेल विमानों के शामिल होने से भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। इससे भारत की सीमाओं की सुरक्षा और दुश्मनों पर रणनीतिक बढ़त मजबूत होगी। साथ ही यह डील आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी रक्षा उत्पादन के लक्ष्य को भी नई मजबूती देगी।

 

Hot this week

Mathura : अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज- सीएम योगी

Mathura : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या...

Lucknow : शिक्षकों के सम्मान में सभी वन प्रभाग लगाएंगे ‘एक पेड़ गुरु के नाम’

Lucknow : योगी सरकार ने एक तरफ पौधरोपण महायज्ञ-2026...

Topics

Mathura : अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज- सीएम योगी

Mathura : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img