Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Mathura : मंदिर आते-आते बहुत देर कर दी, अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर श्रीकांत शर्मा का तीखा हमलाHapur News : हापुड़ में कनाडा से गिफ्ट भेजने के बहाने महिला से हुई बड़ी साइबर ठगी, 14 लाख से अधिक रकम हड़पीLucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमान

Eye Donation India: अब देश में नेत्रदान की प्रक्रिया और आसान, कॉर्नियल ट्रांसप्लांटेशन नियमों में बड़ा बदलाव

Eye Donation India: अब देश में नेत्रदान की प्रक्रिया और आसान, कॉर्नियल ट्रांसप्लांटेशन नियमों में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली,  केंद्र सरकार ने देश में नेत्रदान और कॉर्नियल प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को और सरल बना दिया है। इस बदलाव के साथ अब कॉर्नियल ट्रांसप्लांटेशन केंद्रों में क्लिनिकल स्पेक्युलर उपकरण का होना अनिवार्य नहीं रहेगा। यह निर्णय नेत्रदान को प्रोत्साहित करने, कॉर्निया दान की संख्या बढ़ाने और देश में कॉर्नियल अंधापन को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि अंग और ऊतक प्रत्यारोपण सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 6 नवंबर 2025 को मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण (संशोधन) नियम, 2025 को अधिसूचित किया है। ये संशोधन मानव अंग और टिशू प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 के अंतर्गत किए गए हैं।

मंत्रालय के अनुसार, पहले कॉर्नियल ट्रांसप्लांटेशन केंद्रों में क्लिनिकल स्पेक्युलर माइक्रोस्कोप का होना अनिवार्य था। इस उपकरण का उपयोग एंडोथेलियल कोशिकाओं के आकार, आकृति और संख्या का आकलन करने के लिए किया जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों और हितधारकों के व्यापक परामर्श के बाद सरकार ने इसे अब वैकल्पिक बना दिया है। इस कदम से छोटे अस्पतालों और नेत्र बैंकों को भी कॉर्नियल ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा, जिससे पूरे देश में नेत्र प्रत्यारोपण की सुविधा बढ़ेगी।

सरकार का मानना है कि इस नियम संशोधन से नेत्रदान की प्रक्रिया को आसान बनाकर अधिक लोग इसमें भाग लेंगे। देश में अभी भी नेत्रदान की दर अमेरिका और श्रीलंका जैसे देशों की तुलना में काफी कम है। जबकि भारत में लाखों लोग कॉर्नियल अंधेपन से पीड़ित हैं और हर वर्ष किए जाने वाले ट्रांसप्लांट की संख्या जरूरत से बहुत कम है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नियमों के सरलीकरण से दान की प्रक्रिया में तेजी आएगी और जरूरतमंद मरीजों के लिए अधिक कॉर्निया उपलब्ध कराना संभव होगा। साथ ही, भारत में एक नई नीति भी लागू की जा रही है जिसके तहत जिन अस्पतालों में मरीजों की मृत्यु होती है, वहां कॉर्निया को स्वचालित रूप से दान के लिए माना जाएगा जब तक कि व्यक्ति या उसके परिजन इसे अस्वीकार न करें। यह कदम भारत में नेत्रदान की संस्कृति को बढ़ावा देने और कॉर्नियल ब्लाइंडनेस के खिलाफ देशव्यापी लड़ाई को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन संशोधनों से न केवल कॉर्नियल ट्रांसप्लांटेशन प्रक्रिया अधिक सुलभ होगी बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी मरीजों को समय पर नेत्र प्रत्यारोपण की सुविधा मिलेगी। इससे देश में “दृष्टि के अधिकार” को साकार करने की दिशा में एक बड़ी प्रगति होगी।

भारत और पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2024 में दो बार आमने-सामने हो सकते हैं। जानिए कैसे

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें