RML Hospital: बिना दर्द और सर्जरी के मजबूत होंगी कमजोर मांसपेशियां, आरएमएल अस्पताल में शुरू हुई अत्याधुनिक HIFEM थेरेपी

RML Hospital: बिना दर्द और सर्जरी के मजबूत होंगी कमजोर मांसपेशियां, आरएमएल अस्पताल में शुरू हुई अत्याधुनिक HIFEM थेरेपी

नई दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ने मरीजों के पुनर्वास उपचार को नई दिशा देते हुए फिजियोथेरेपी विभाग में अत्याधुनिक हाई-इंटेंसिटी फोकस्ड इलेक्ट्रोमैग्नेटिक (HIFEM) थेरेपी सिस्टम की शुरुआत की है। यह आधुनिक तकनीक बिना सर्जरी और बिना दर्द के गहरी मांसपेशियों को सक्रिय कर उन्हें मजबूत बनाती है, जिससे स्ट्रोक, कमर दर्द, घुटने की चोट और ऑपरेशन के बाद कमजोर हुई मांसपेशियों वाले मरीजों को तेजी से राहत मिलने की उम्मीद है।

अस्पताल के अनुसार यह तकनीक उन मरीजों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी, जिन्हें स्ट्रोक के बाद चलने-फिरने में परेशानी होती है, लंबे समय से कमर दर्द रहता है, खेल के दौरान चोट लगी हो, घुटने की समस्या हो या ऑर्थोपेडिक सर्जरी के बाद मांसपेशियां कमजोर पड़ गई हों। इसके अलावा बढ़ती उम्र के कारण मांसपेशियों की कमजोरी और पेल्विक फ्लोर संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीज भी इस थेरेपी का लाभ उठा सकेंगे।

फिजियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. पूजा सेठी ने बताया कि HIFEM थेरेपी सामान्य व्यायाम की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी तरीके से मांसपेशियों में गहरा संकुचन उत्पन्न करती है। इससे मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है, शरीर का संतुलन बेहतर होता है और मरीज की गतिशीलता में तेजी से सुधार आता है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक शरीर के उन हिस्सों तक भी प्रभावी ढंग से पहुंचती है, जहां सामान्य एक्सरसाइज का असर सीमित होता है।

डॉ. सेठी के अनुसार इस नई सुविधा से फिजियोथेरेपी उपचार के परिणाम और बेहतर होंगे तथा मरीज अपेक्षाकृत कम समय में सामान्य जीवन में लौट सकेंगे। यह तकनीक विश्वस्तरीय पुनर्वास सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और भविष्य में बड़ी संख्या में मरीजों को इसका लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर आरएमएल अस्पताल के निदेशक डॉ. अखिलंदेश्वरी प्रसाद, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विवेक दीवान, सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह झाझरिया तथा डॉ. श्वेता शर्मा सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे।

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