Murder Case: सेक्टर-63 हत्याकांड में आरोपी अमन को नहीं मिली राहत, अदालत ने जमानत याचिका खारिज की

Murder Case: सेक्टर-63 हत्याकांड में आरोपी अमन को नहीं मिली राहत, अदालत ने जमानत याचिका खारिज की
नोएडा के सेक्टर-63 थाना क्षेत्र में हुए युवक हत्याकांड के मुख्य आरोपी अमन को अदालत से राहत नहीं मिली है। सत्र अदालत ने हत्या जैसे गंभीर अपराध और मामले की जांच अभी जारी होने का हवाला देते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट कहा कि विवेचना पूरी नहीं हुई है और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया जारी है, इसलिए इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मैनपुरी निवासी रमन देवी ने सेक्टर-63 थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया था कि 17 मई 2026 की शाम उनका 21 वर्षीय पुत्र दीपक हिंडन नदी के किनारे घूमने गया था। इसी दौरान पैसों के लेन-देन को लेकर अमन, पियूष और उनके अन्य साथियों के साथ उसका विवाद हो गया।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर सभी आरोपियों ने दीपक के साथ मारपीट की और फिर उस पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल दीपक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी अमन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जमानत सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि पुलिस ने आरोपी को 18 मई को अलीगढ़ के समीप एक निजी वाहन से हिरासत में लिया था। बचाव पक्ष ने दावा किया कि इस संबंध में सोमना टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध हो सकती है, जिससे उनकी बात की पुष्टि होगी।
वहीं अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मामला हत्या का है और जांच अभी जारी है। कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जाने बाकी हैं तथा मामले की विवेचना पूरी नहीं हुई है। ऐसे में आरोपी को जमानत दिए जाने से जांच प्रभावित होने की आशंका है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद अदालत ने कहा कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में अभी जांच पूरी नहीं हुई है और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया जारी है। इसलिए आरोपी को जमानत देने का कोई पर्याप्त आधार नहीं बनता। इसी के साथ अदालत ने अमन की जमानत याचिका खारिज कर दी।
अब मामले की आगे की विवेचना जारी रहेगी और पुलिस शेष साक्ष्यों के आधार पर आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी करेगी। इस फैसले के बाद फिलहाल आरोपी अमन को न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा।





