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Monsoon Waterlogging: मानसून में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर होगी सख्त कार्रवाई : महाजन

Monsoon Waterlogging: मानसून में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर होगी सख्त कार्रवाई : महाजन

नई दिल्ली, 14 जुलाई। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सुंदर नगरी इलाके में हाल ही में हुई भारी बारिश के दौरान जलभराव से एक युवक की मौत के बाद जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने मौके का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। जिला विकास समिति के अध्यक्ष जितेंद्र महाजन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मानसून के दौरान जलभराव जैसी घटनाओं को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंगलवार को जितेंद्र महाजन ने एसडीएम गोकुलपुरी चंद्रशेखर, सीमापुरी के विधायक वीर सिंह धींगान और नगर निगम समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सुंदर नगरी के एफ-1 ब्लॉक का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने इलाके में जलनिकासी व्यवस्था, नालों की स्थिति और जलभराव के कारणों का विस्तृत आकलन किया। इस दौरान टीम ने 9 जुलाई को जलभराव की घटना में जान गंवाने वाले युवक धीरज के परिजनों से भी मुलाकात की और उन्हें प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय निवासियों ने अधिकारियों को बताया कि एफ-1 ब्लॉक का अधिकांश हिस्सा सड़क के स्तर से नीचे स्थित है। यही वजह है कि बारिश के समय बरसाती पानी तेजी से इस इलाके में भर जाता है और कई घंटों तक निकासी नहीं हो पाती। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य नाले और छोटी नालियों पर हुए अतिक्रमण के कारण उनकी नियमित सफाई प्रभावित होती है, जिससे पानी का बहाव रुक जाता है और हर वर्ष मानसून के दौरान गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की कि केवल अस्थायी समाधान करने के बजाय स्थायी जलनिकासी व्यवस्था विकसित की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने बताया कि कई बार संबंधित विभागों को शिकायत देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम गोकुलपुरी चंद्रशेखर ने मौके पर मौजूद नगर निगम अधिकारियों को तत्काल पंप सेट लगाकर जमा पानी निकालने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए और जहां भी आवश्यकता हो वहां तत्काल राहत कार्य शुरू किए जाएं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।

प्रशासन ने यह भी निर्णय लिया कि जल्द ही विशेष कार्यबल (एसटीएफ) की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें नालों और जलनिकासी मार्गों पर हुए अतिक्रमण को हटाने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि नालों पर अवैध कब्जे हटने के बाद जलनिकासी व्यवस्था में काफी सुधार होगा और बारिश के समय पानी जमा होने की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

जितेंद्र महाजन ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मानसून के मौसम में नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की जिम्मेदारी जलनिकासी, नालों की सफाई और मानसून तैयारियों की है, उन्हें पूरी गंभीरता के साथ अपने दायित्व निभाने होंगे। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या जिम्मेदारी में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि जलभराव की घटना में मृतक धीरज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जिला प्रशासन की ओर से निर्धारित नियमों के अनुसार पीड़ित परिवार को मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन ने परिवार को हर संभव सरकारी सहायता दिलाने का भी आश्वासन दिया है।

निरीक्षण के दौरान निगम पार्षद वीर सिंह पंवार, कुमारी रिंकू और भोलू कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने क्षेत्र की समस्याओं का जायजा लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया और कहा कि मानसून के पूरे मौसम में संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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