Green Panchayat Yojana: मुख्यमंत्री सुक्खू ने 500 किलोवाट सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन, ग्राम पंचायत को हर साल होगी 14 लाख रुपये की आय

Green Panchayat Yojana: मुख्यमंत्री सुक्खू ने 500 किलोवाट सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन, ग्राम पंचायत को हर साल होगी 14 लाख रुपये की आय

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को ग्रीन पंचायत योजना के तहत जिला सोलन की ग्राम पंचायत ममलीग में स्थापित 500 किलोवाट क्षमता की ग्राउंड माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजना का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना को प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा, ग्रामीण विकास और पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना का निर्माण कार्य 23 दिसंबर 2024 को शुरू किया गया था और इसे 24 फरवरी 2026 को विद्युत ग्रिड से जोड़ दिया गया। वर्तमान में इस संयंत्र से प्रतिदिन लगभग 3,000 यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन हो रहा है, जबकि सालाना करीब 8 लाख यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान है।

उन्होंने कहा कि विद्युत खरीद समझौते (Power Purchase Agreement) के तहत हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड इस परियोजना से उत्पादित बिजली को 3.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदेगा। इससे राज्य को स्वच्छ ऊर्जा मिलने के साथ-साथ लंबे समय तक स्थिर राजस्व भी प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसके जनहितकारी राजस्व वितरण मॉडल को बताया। उन्होंने कहा कि परियोजना से होने वाली आय का 25 प्रतिशत ग्राम पंचायत के विकास कार्यों, 25 प्रतिशत अनाथों और विधवाओं के कल्याण, 20 प्रतिशत प्रदेश सरकार, 20 प्रतिशत हिमऊर्जा तथा 10 प्रतिशत संचालन एवं रखरखाव पर खर्च किया जाएगा। इस मॉडल के जरिए स्थानीय लोगों को सीधे आर्थिक और सामाजिक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना से ग्राम पंचायत ममलीग को हर वर्ष लगभग 14 लाख रुपये की आय होगी। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों की अनुमानित आयु वाली यह सौर ऊर्जा परियोजना स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल शहरों का विकास करना नहीं, बल्कि गांवों को भी आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है। सरकार चाहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी शहरों जैसी बुनियादी सुविधाएं और बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध हो। इसी उद्देश्य से पंचायत स्तर पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया जा रहा है। इसके अलावा दूध पर भी देश में सबसे अधिक समर्थन मूल्य उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।

इस अवसर पर ग्राम पंचायत ममलीग में मौजूद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों के 80 प्रतिशत से अधिक पद भरे जा चुके हैं। इसके अलावा पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीशियनों की भी बड़े स्तर पर नियुक्तियां की गई हैं।

डॉ. शांडिल ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में एमआरआई, थ्री टेस्ला एमआरआई और रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जो पहले केवल बड़े शहरों और चुनिंदा अस्पतालों तक सीमित थीं।

उन्होंने प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ बनाने के लिए व्यापक अभियान चला रही है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सहयोग देने की अपील की, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके।

इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया भी शिमला से वर्चुअल रूप से शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन पंचायत योजना के तहत भविष्य में भी प्रदेश की अन्य पंचायतों में ऐसी परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी, जिससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सके।

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