Labour Ministry Action: संविदा श्रमिकों के वेतन में देरी पर सख्ती, डिफॉल्टर एजेंसियां होंगी ब्लैकलिस्ट

Labour Ministry Action: संविदा श्रमिकों के वेतन में देरी पर सख्ती, डिफॉल्टर एजेंसियां होंगी ब्लैकलिस्ट
केंद्रीय New Delhi में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री Mansukh Mandaviya ने संविदा श्रमिकों के वेतन भुगतान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट श्रमिकों को समय पर पूरा वेतन और रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। श्रम मंत्री ने स्पष्ट किया कि वेतन भुगतान में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. मनसुख मांडविया ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों को निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों में कहा गया है कि जहां भी संविदा श्रमिक कार्यरत हैं, वहां समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए ताकि कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि जिन एजेंसियों द्वारा श्रमिकों का वेतन रोका जाएगा या भुगतान में अनावश्यक देरी की जाएगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। सरकार ऐसी डिफॉल्टर एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने, अनुबंध समाप्त करने और उन्हें काम से हटाने जैसे कदम उठा सकती है। श्रम मंत्री ने कहा कि श्रमिकों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मांडविया ने कहा कि देश के विकास में श्रमिकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उनके अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने उद्योग जगत से भी अपील करते हुए कहा कि कंपनियों और संस्थानों को श्रमिकों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए और श्रम कानूनों का पूरी गंभीरता से पालन करना चाहिए।
उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना श्रमिक वर्ग को करना पड़ा था। बड़ी संख्या में श्रमिकों को रोजगार, वेतन और आवास जैसी समस्याओं से जूझना पड़ा। इस अनुभव से सीख लेते हुए सरकार अब भविष्य के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करने पर जोर दे रही है।
केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से Confederation of Indian Industry समेत उद्योग संगठनों से अपील की कि औद्योगिक क्लस्टरों में संयुक्त तंत्र विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी भू-राजनीतिक, आर्थिक या आपदा जैसी स्थिति में श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि रोजगार और आजीविका पर असर कम हो।
सरकार का मानना है कि समय पर वेतन भुगतान और रोजगार सुरक्षा से श्रमिकों का विश्वास मजबूत होगा और उद्योगों में बेहतर कार्य वातावरण तैयार किया जा सकेगा। श्रम मंत्रालय आने वाले समय में इस दिशा में और सख्त निगरानी तथा प्रभावी कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।





