CMR Samvad 2026: शोध केवल प्रकाशन तक सीमित न रहे, समाज और नीति तक पहुंचे : आईसीएमआर
नई दिल्ली, 22 फरवरी। स्वास्थ्य अनुसंधान को नई दिशा देने और युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने ‘संवाद 2026’ सम्मेलन का आयोजन किया। यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित आईसीएमआर–राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान में आयोजित हुआ, जहां देशभर से शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया।
तीन दिवसीय इस सम्मेलन में लगभग 400 पीएचडी शोधार्थी, वरिष्ठ वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और शिक्षाविद शामिल हुए। ‘संवाद 2026’ का उद्देश्य डॉक्टोरल शोध की गुणवत्ता को बेहतर बनाना, नवाचार को बढ़ावा देना और युवा शोधकर्ताओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना है। सम्मेलन के दौरान विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया, जिनमें स्वास्थ्य अनुसंधान की उपयोगिता, नीति निर्माण में वैज्ञानिक योगदान और समाज तक शोध के प्रभावी प्रसार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
‘हेल्थ कम्युनिकेशन – ट्रांसलेटिंग साइंस फॉर इम्पैक्ट’ नामक विशेष सत्र में विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि शोध केवल प्रकाशन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे समाज और नीति-निर्माण की प्रक्रिया तक प्रभावी रूप से पहुंचाना भी आवश्यक है। वक्ताओं ने बताया कि वैज्ञानिक शोध का वास्तविक उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए।
समापन सत्र में आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने टाउन-हॉल चर्चा के दौरान शोधार्थियों से गंभीर और सार्थक शोध करने की अपील की। उन्होंने ‘टिक-बॉक्स रिसर्च’ से बचने और गुणवत्ता व प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। सम्मेलन के अंत में उत्कृष्ट शोध प्रस्तुतियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर संस्थान के निदेशक डॉ. अनूप अन्वीकर ने कहा कि संवाद जैसे मंच शोध सहयोग, ज्ञान विनिमय और भविष्य के वैज्ञानिक नेतृत्व को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही यह भी घोषणा की गई कि संवाद 2027 का आयोजन आईसीएमआर–राष्ट्रीय पोषण संस्थान, हैदराबाद में किया जाएगा।





