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AIIMS Delhi Budget 2026–27: एम्स दिल्ली को मिला रिकॉर्ड 5500 करोड़ का बजट, सुपर स्पेशियलिटी और रिसर्च को नई ताकत

AIIMS Delhi Budget 2026–27: एम्स दिल्ली को मिला रिकॉर्ड 5500 करोड़ का बजट, सुपर स्पेशियलिटी और रिसर्च को नई ताकत

केंद्र सरकार ने राजधानी दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से वित्त वर्ष 2026–27 के लिए एम्स दिल्ली को अब तक का सबसे बड़ा बजट आवंटित किया है। इस बार एम्स को कुल ₹5,500.92 करोड़ का बजट दिया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 9.34 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी न केवल देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की क्षमता को बढ़ाएगी बल्कि गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज, चिकित्सा शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव लाएगी।
इस बजट का इस्तेमाल अस्पताल के नए और पुराने भवनों के संचालन, अत्याधुनिक मेडिकल मशीनरी की खरीद, डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने और संस्थान के कुल खर्चों को पूरा करने में किया जाएगा। सरकार का साफ फोकस है कि एम्स में आने वाले मरीजों को कम इंतजार, बेहतर इलाज और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।

एम्स दिल्ली को देशभर से गंभीर रोगों के मरीज रेफर किए जाते हैं। कैंसर, हार्ट, न्यूरो, ट्रांसप्लांट और अन्य सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं पर इस बार विशेष जोर दिया गया है। बजट से नई रिसर्च लैब्स, आधुनिक डायग्नोस्टिक सिस्टम और इमरजेंसी सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, टेलीमेडिसिन और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जाएगा ताकि मरीजों की ओपीडी और आईपीडी सेवाएं ज्यादा सुचारू बन सकें।

एम्स के साथ-साथ दिल्ली के चार अन्य बड़े केंद्रीय अस्पतालों को भी बड़ा बजट समर्थन मिला है। सफदरजंग अस्पताल, राम मनोहर लोहिया अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से जुड़े सुचेता कृपलानी अस्पताल और कलावती सरन चिल्ड्रेन अस्पताल को कुल ₹4,599.66 करोड़ का आवंटन किया गया है। यह राशि भी पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9.34 प्रतिशत अधिक है। इन अस्पतालों में रोजाना लाखों की संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं और यह बजट सीधे आम मरीजों की सुविधाओं पर खर्च होगा।

सफदरजंग अस्पताल को ₹2,179.58 करोड़, आरएमएल अस्पताल को ₹1,458.26 करोड़, लेडी हार्डिंग और सुचेता कृपलानी अस्पताल को ₹800 करोड़ तथा कलावती सरन चिल्ड्रेन अस्पताल को ₹183.16 करोड़ का बजट दिया गया है। इन अस्पतालों में बेड क्षमता बढ़ाने, नई इमरजेंसी यूनिट, ओटी और आधुनिक उपकरणों की खरीद पर जोर रहेगा। इससे दिल्ली और आसपास के राज्यों से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ का बजट भी बढ़ाकर ₹2,504.65 करोड़ कर दिया गया है, जो 3.59 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। इसका उद्देश्य तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च को और सशक्त बनाना है। सरकार का मानना है कि केंद्रीय अस्पतालों को दिया गया यह बढ़ा हुआ बजट न केवल मौजूदा स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करेगा बल्कि भारत को मेडिकल रिसर्च और सुपर स्पेशियलिटी इलाज के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर और आगे ले जाएगा।

कुल मिलाकर इस बार दिल्ली स्थित केंद्रीय अस्पतालों को लगभग ₹9,821 करोड़ का बजट मिला है, जो पिछले वर्ष से करीब ₹884 करोड़ अधिक है। इसका सीधा लाभ मरीजों को बेहतर इलाज, कम भीड़, आधुनिक सुविधाएं और प्रशिक्षित डॉक्टरों के रूप में मिलने वाला है।

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संवाददाता

Tirthankar Sarkar

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